बाल भवन में काउंटर लगाकर कर रहे वसूली

Jan 09 2020

ग्वालियर। शहर में संचालित मैरिज गार्डनों और कोचिंग सेंटरों पर शिकंजा कसते ही अब नगर निगम को भी अपनी वसूली और नियम याद आ गए हैं, जिसके चलते गुरुवार को बाल भवन में काउंटर लगाकर अधिकारी बैठ गए हैं। बीते रोज निगमायुक्त ने मातहतों की बैठक लेकर स त लहजे में कहा था कि इस समय मौका है, इसका लाभ उठाएं और इन्हे एक साथ मौके पर बुलाएं और वसूली करें, जिस पर सुबह 11 बजे शिविर शुरु कर दिया गया, लेकिन एक घंटे के भीतर आधा दर्जन लोग भी यहां नहीं पहुंचें।
जहां एक ओर प्रशासन निर्धारित नियमों का हवाला देते हुए मैरिज गार्डनों पर तालाबंदी करने में जुटा है, वहीं नगर निगम मैरिज गार्डन और कोचिंग सेंटरों से स पत्तिकर, जलकर व ट्ऱेड लायसेंस शुल्क वसूल रहा है। वहीं जिनके पास आईडी नहीं है उनकी नई आईडी भी यहीं तैयार की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इन सभी पर निगम का करों के रूप में तमाम पैसा शेष है, जिसकी पूरी वसूली कभी भी नहीं होती। सूत्र बताते हैं कि अधिकारियों की मिलीभगत से इनका काम चलता रहता है, अन्यथा निगम की आय में इजाफा हो सकता है।
निगम अधिकारियों को ही नहीं जानकारी गंभीर बात तो यह है कि नगर निगम के अधिकारियों के पास यही जानकारी नहीं है कि शहर में मैरिज गार्डन कितने हैं, जहां निगमायुक्त संदीप माकिन इनकी सं या लगभग 170 बता रहे हैं, वहीं इससे सीधे जुड़े सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा इनकी सं या लगभग 151 बता रहे हैं, जब इनके पास संपत्ति के आंकड़े ही नहीं तब यह किसे पकड़ें और किसे छोड़ेंगे। उधर जो शिविर में बैठे हैं उनका कहना है कि जो भी आएंगे उनकी एंट्री कर ली जाएगी।
शादी वालों को बरगला रहे संचालक
इधर प्रशासन द्वारा एन सहालग के मौके पर मैरिज गार्डनों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के बाद अधिकांश गार्डनों पर ताला डल चुका है, ऐसे में उन लोगों के सामने संकट पैदा हो गया है, जो महीनों पहले गार्डन बुक करा चुके थे और मोटी रकम भी संचालकों ने उनसे एडवांस के तौर पर ले ली थी, लेकिन अब वह भी हाथ खड़े कर चुके हैं, बल्कि इन संकट में फसेंं लोगों को यह कहकर बरगला रहे हैं कि वह शादी का कार्ड लेकर कलेक्टर के पास चले जाएं हो सकता है वह आदेश दे दें तो फिर ताले खुल सकते हैं। वहीं गार्डन संचालक एडवांस की राशि वापस देने में भी आनाकानी कर रहे हैं।