सर्द हवा से लोग कांपे, पारा 3 डिग्री

Dec 31 2019

ग्वालियर। एक सप्ताह से भी अधिक समय से घने कोहरे और और तेज शीतलहर की मार से जूझ रहे शहरवासियों के साथ ठंड की दे दना दन आज भी जारी है, मंगलवार को पारे में 0.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़त जरूर रही, लेकिन ठिठुरन बरकरार है, उत्तर से आने वाली सर्द हवाओं के आज और बढऩे की संभावना जताई गई है, वहीं आज बुधवार को बरसात का सिलसिला शुरु हो सकता है। संभावना है, राजस्थान में बन रहे ऊपरी चक्रवात का असर शहर में दिखाई देने लगा है, जिसके चलते बादलों की लामबंदी भी आसमान पर बढ़ती दिखेगी, इससे पारा जरूर बढ़ेगा, लेकिन ठंड से निजात नहीं मिलेगी। आज न्यूनतम पारा 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस कम था। दृश्यता एक किलोमीटर रही।
हे भगवान अब तो बस करो
तेज सर्दी की लगातार मार से शहरवासी इतने परेशान हो चुके हंैं कि उन्हे भगवान याद आने लगे हैं, केवल बातचीत के दौरान ही नहीं, बल्कि सोशल साइट्स पर भी इस तरह की पोस्ट लगातार लोग डाल रहे हैं और इसके समर्थन में लाइक व कमेंट्स भी खूब आ रहे हैं। ऐसी हाड़ कंपाऊ सर्दी सालों से शहर में नहीं पड़ी थी, ऐसे में अब जब इसका कहर बरपा तो लोग कराह उठे। हालांकि हर मौसम में लोग यही कहते हैं कि अब तो बहुत हुआ, लेकिन इस बार तो वाकई सर्दी ने हद कर दी। मंगलवार को फिर सर्दी का असर जनजीवन पर फिर दिखाई दिया, लोग घरों से बाहर निकलने की हि मत नहीं जुटा पा रहे, वहीं सूर्य देवता भी तमाम संघर्ष के बाद कोहरे के सामने पराजित ही रहे हैं।
शहर में सर्दी ने कैसा कोहराम मचा रखा है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब बाजार में ब्लोअर, हीटर तक नहीं मिल रहे, जिन पर यह बचे हैं वह 700 के 1500 वसूल रहे हैं। यही नहीं गर्म दस्ताने, मौजे, कैप भी दुकानों पर उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे में जिसे जो मिल रहा है, वह मुंहमांगी कीमत चुकाकर खरीदने को मजबूर है। ठेले तक पर गर्म कपड़े खरीदने के लिए भीड़ जुट रही है।
ठंड के कारणा सभी कामकाज प्रभावित दिखाई दे रहा है, लोग घर से नहीं निकल रहे, वहीं बाजार देर से खुल रहे हैं, सड़कों पर आवाजाही कम है तो द तरों में कर्मचारी दिखाई नहीं दे रहे, जो पहुंच रहे हैं वह खुद को सर्दी से बचाते दिख रहे हैं। गनीमत यह है कि काम कराने के लिए भी लोग नहीं पहुंच रहे। केवल चाय और नाश्ते की गुमटियों दुकानों और ठेलों पर सुबह से लोगों का जमघाट दिख रहा है। कोहरा सबसे अधिक डरा रहा है। स्कूलों का अवकाश है, टेंपो, ऑटो आदि के लिए सवारी नहीं मिल रहीं जिससे सड़कों पर भी सन्नाटा दिख रहा है। उधर दृश्यता घटने से बड़े वाहनों की आवाजाही हाइवे पर प्रभावित है।
सर्दी की मार से बचने के लिए सबसे अधिक जरूरत इस वक्त लकड़ी की है, लोग जमकर अलाव जला रहे हैं ऐसे में लकड़ी की मांग भी खूब बढ़ गई है और इसके विक्रेता जमकर लाभ कमाने में लगे हैं। लकड़ी का भाव खेरीज में 30 रुपए की पांच किलो है, लेकिन इन दिनों यह 40 से 45 रुपए की पांच किलों तक बिक रहीं हैं।