साल का अंतिम दिन और नए साल में पुलिस की बढ़ी व्यस्तता

Dec 31 2019

ग्वालियर।  अब दिन हो या रात थाने में पुलिस अफसर और जवान पेंडेंसी खत्म करने और निकाल में व्यस्त हैं। इतना ही नहीं थाना प्रभारी और सीएसपी, एसडीओपी और एएसपी भी लंबित प्रकरणों के निराकरण के संबंध में जानकारी ले रहे हैं। पुलिस कप्तान नवनीत भसीन का फरमान और आईटी कॉन्फ्रेंस का असर थानों में नजर आने लगा है। 
थाने से आमतौर पर बीट भ्रमण तथा अन्य सरकारी काम बताकर थानों व बीट से गायब रहने वाले अफसर और प्रधान आरक्षक न केवल समय से पहले थाने पहुंचने लगे हैं। थानों के विवेचक कक्ष में सभी अफसर अपने-अपने मामले निपटाने लगे हैं। अब तो वे उन जवानों (आरक्षकों) की मदद ले रहे हैं, जिनकी लिखा-पढ़ी अच्छी है। निकाल में व्यस्त विवेचक तो आधी रात के बाद तक लंबित प्रकरणों का निराकरण करने में जुटे रहे।
चालान बनाने से लेकर पकड़-धकड़ में सभी विवेचक एक दूसरे की मदद से भी पीछे नहीं रह रहे हैं, क्योंकि पुलिस कप्तान का साफ निर्देश है कि ज्यादा से ज्यादा मामलों का निकाल होना चाहिए। इसके लिए एक दूसरे की मदद से भी पीछे नहीं हटें, क्योंकि निकाल का ग्राफ थाने का होगा। उसके बाद विवेचकों के निकाल की लिस्ट तैयार होगी। वहीं सीएसपी और एसडीओपी भी अब लंबित प्रकरणों के मामलों के निराकरण में रुचि दिखाते नजर आने लगे हैं। 
मामलों के निकाल के साथ ही पुलिस जवान और अफसर चौराहों पर वाहन चेकिंग कर रहे हैं और मामलों में वांछित अपराधी की धरपकड़ में भी जाते हैं। इसके साथ ही थानों में आने वाली शिकायतों मेें उन मामलों में जिन पर बातचीत से बात बन सकती है उस पर भी एक दूसरे की मदद करते हैं।