रामायण महाकाव्य ही नहीं मनुष्य जाति के लिये मार्गदर्शक भी हैं: पूज्य चिन्मयानंद बापू

Dec 30 2019

ग्वालियर। राष्ट्रीय संत पूज्य चिन्मयानंद बापू ने कहा है कि विश्व में रामायण एक महाकाव्य ही नहीं सभी भारतीयों एवं मनुष्य जाति के लिये अदभुत मार्गदर्शक भी है। पूज्य संत चिन्मयानंद बापू आज यहां श्री कैला देवी महारानी एवं कुंवर बाबा मंदिर महलगांव में आयोजित श्री रामकथा के मंगलाचरण पर संगीतमयी श्री रामकथा की महिमा का बखान कर रहे थे।  
पूज्य संत श्री चिन्मयानंद बापू ने कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि रामायण के सभी पात्रों का चरित्र मानव जाति के लिए आज भी प्रासंगिक है । चाहे रामादल हो या रावण का दल दोनों ही दल हमारी जिंदगी के लिये प्रेरणादायी हैं। उन्होने कहा कि रामायण की शुरूआत वर्ण शब्द से हुई और विराम मानव शब्द पर जाकर हुआ। इसका तात्पर्य यह है कि इस धरती पर हमारा एक ही वर्ण होना चाहिये वह है मानवता का। पूज्य संत चिन्मयानंद ने कहा कि हमारे ऋषियों ने जो व्यवस्था वर्ण की बनाई थी वह व्यवस्था आज कुछ लोगों के स्वार्थ के कारण समाज में विकार पैदा कर रही है। 
उन्होने कहा कि इसी को देखते हुए संत तुलसी दास जी महाराज ने हमें इशारा किया है कि अब समय आ गया है कि इंसान जातिवाद से ऊपर उठकर सिर्फ इंसानियत ही अपनाये। राष्ट्र संत चिन्मयानंद बापू ने आज श्री रामकथा की शुरूआत कर रामकथा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने राम तथा उनके चरित्र पर भी विस्तृत व्या या की। ग्वालियर की आज की भीषण सर्दी के बाद भी श्री कैला देवी महारानी एवं कुंवर बाबा मंदिर महलगांव के मैदान पर श्रद्धालुओं के उत्साह में कमी नहीं दिखाई दी। सुबह से सूरज भगवान ने दर्शन भी नहीं दिये, ठंडी हवाएं सुबह से चल रहीं थीं लेकिन कथा के शुभारंभ पर श्रद्धालु श्री राम कथा का श्रवण करने पहुंच गये। 
कथा में आज 
श्री कैला देवी महारानी एवं कुंवर बाबा मंदिर महलगांव पर चल रही राष्ट्रीय संत पूज्य चिन्मयानंद बापू की श्री रामकथा में आज 31 दिसंबर 2019 को वंन्दना प्रकरण, तथा शिव चरित्र की कथा होगी।