ठंड से जनजीवन जाम, अभी और सतायेगी ठंठ

Dec 27 2019

ग्वालियर। सर्दी के कारण हर रोज गिरता तापमान शुक्रवार को पूरी तरह धराशायी हो गया। मात्र 3.3 डिग्री रहे तापमान के कारण ठंड ने ऐसा असर दिखाया कि जनजीवन पूरी तरह जाम हो गया। सुबह से छाए कोहरे और आठ किलोमीटर प्रति घंटा चली हवा ने लोगों को घरों के भीतर धकेल दिया है। पारे में सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई है। सर्दी की मार ऐसी है कि सड़कों से वाहन गायब हैं, पैदल लोग भी दिखाई कम ही दे रहे हैं। वहीं मौसम विभाग की माने तो आने वाले दिन और अधिक कहर बरपाने वाले हो सकते हैं। अब कोहरे और सर्द हवा के साथ बादल आसमान पर अपना प्रभाव बना रहे हैं जिससे बारिश होगी।
दृश्यता घटकर 50 मीटर रह गई। सुबह लोग जागे तो हालात बीते तीन दिनों से भी अधिक खराब थे, वहीं तेज सर्द हवा और दिन में भी ओस की बूंदें प्रभावी थीं, जिससे लोग घर से बाहर निकलने की हि मत नहीं जुटा सके। शुक्रवार सीजन का सबसे ठंडा दिन रिकार्ड हुआ। हालांकि पिछले साल 30 दिसंबर को न्यूनतम पारा 3.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था, लेकिन इस बार इसके और भी नीचे जाने की संभावना है।
अब तक दोपहर में सर्दी का असर कुछ कम रह जाता था, जिससे दोपहर तक शहर में गहमागहमी बढ़ जाती थी, लेकिन आज हालात बदले रहे। तमाम गर्म कपड़े लादने के बाद भी ठंड का असर कम नहीं हो रहा है, सर्द हवा भीतर प्रवेश कर हड्डियों तक को कंपा रही है। वहीं जो लोग घर के भीतर रजाई में बैठे रहे उन्हें वहां भी राहत नहीं मिल रही, ठंड घर के भीतर घुसकर प्रहार कर रही है। केवल अलाव का ही सहारा कुछ दम दे रहा है। आज तो शहर में हर कुछ दूरी पर लोग अलाव तापकर ठंड से बचने का प्रयास करते दिखाई दे रहे हैं। घर के भीतर भी लोग आग के सहारे हैं।
उधर बाहरी क्षेत्र में भी कोहरे का जोरदार असर दिखाई दिया। बड़े वाहनों के पहिए थम गए, चूंकि दृश्यता बेहद कम रही ऐसे में किसी भी दुर्घटना के डर से गाडिय़ां रोड किनारे खड़ी कर दी गईं। उधर थोक सब्जी मंडी और फल मंडी में कोहरे के कारण कम ही वाहन सब्जी और फल लेकर पहुंचे, जिसके चलते इनके दामों में शुक्रवार को कुछ अधिकता दिखाई दे सकती है।
सर्दी की मार चहुंओर दिखाई दे रही है। अब सरकारी द तरों में भी इसका बड़ा असर दिखाई दे रहा है, चूंकि हाजिरी बायोमैट्रिक हो गई है, इसलिए कर्मचारी द तर तो समय पर पहुंच रहे हैं, लेकिन इसके बाद उनकी उपस्थिति द तर की जगह अलाव तापने वाले स्थान पर अधिक रहती है। इन हालात में काम के लिए पहुंचने वाले की सं या भी बेहद कम हो गई है, इसलिए यह सुकून में भी हैं।