स्वास्थय लिये घातक है पोलिथिन

Dec 23 2019

ग्वालियर। समाज को स्वच्छ व स्वस्थ्य बनाने के लिये हमें कई प्रकार के प्रयोगों को करना पड़ेगा जिसमें पशु हानि से लेकर जनहानि तक के लिये प्लास्टिक सबसे घातक है जिसका प्रयोग हमें न करके समाज को भी न करने के लिये प्रेरित करना चाहिये इसके लिये सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करें एक स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गंदगी को लेकर जब तक हम स्वयं को अपमानित महसूस नहीं करेंगे तब तक हम अपने महानगर और देश को तो क्या अपने आस-पास भी स्वच्छता नहीं ला पायेंगे इसके लिए महानगर के प्रत्येक नागरिक को अपनी जि मेदारी का निर्वहन ईमानदारी से करना होगा। यह बात स्वच्छता सर्वेक्षण कार्यक्रम में डॉ. पाण्डेय ने कही। स्वच्छता के देश में हम तब तक सफल नहीं होंगे जब तक इसमें आमजन का सहयोग नहीं होगा तथा जब तक आमजन सोचेंगे कि स्वच्छता का कार्य केवल एक दो व्यक्ति का ही नहीं, बल्की हम सभी का दायित्व है। जिसका निर्वहन हमें करना चाहिये। इसके लिए युवा शक्ति माधव महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा महाविद्यालय पर मानव श्रृंखला बनाकर बैनर व हाथ में त ितयाँ लेकर जागरूकता का कार्य किया गया। इस मानव श्रृंखला का नेतृत्व वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना डॉ. संजय कुमार पाण्डेय व डॉ. राजेश मिश्रा माधव महाविद्यालय ने किया।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि स्वच्छता के लिये हमें सर्वप्रथम पॉलिथिन का त्याग कर कपड़े व कागज के थैलों का उपयोग करना चाहिये क्योंकि पॉलिथिन हमारे प्रकृति की सबसे बड़ी दुश्मन है। पॉलिथिन जो जानवरों द्वारा मुंह में डाल ली जाती है जिसके कारण उनके मृत्य तक नौबत आ जाती है। पॉलिथिन कभी नष्ट नहीं होती और ये हमारी धरती को बंजर बनाती जा रही है जिससे हमारा उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है।
डॉ. पाण्डेय ने बताया स्वच्छता एक वर्ष का कार्य नहीं है, बल्कि प्रतिदिन निरंतर हमें इस कार्य में जुड़े रहना चाहिये तभी हम अनेकोनेक बीमारियों से अपने व अपने परिवार को तथा समाज को सुरक्षित रख पायेंगे। कार्यक्रम में तरूण रोहिरा, संजय यादव, अंकुर चौरसिया, योगेश माहौर, कु. नैना गर्ग, रवि, करन, लितेश कटारे आदि लोग उपस्थित थे।