युवा उत्सव में प्याज की बढ़ती कीमत पर किया व्यंग्य

Dec 20 2019

ग्वालियर। बढ़ती प्याज की अनायास कीमतों से जनता को काफी परेशानी होती है। हर कोई शिकायत करना चाहता है, लेकिन उसके कारण पर जानना नहीं चाहता। प्याज के आंसू नामक स्किट में युवा कलाकारों ने प्याज की बढ़ती कीमतों पर व्यंग्य करते हुए दिखे। इसी तरह से आजकल मंदी का दौर, भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं कलियुग के तांडव का उदाहरण है। इन सबको युवा कलाकारों ने मंच से दिखाने की कोशिश की स्किट के माध्यम से। महज दस मिनट के स्किट में युवा कलाकारों ने समाज को संदेश देने की कोशिश की साथ ही राजनीति पर व्यंग्य भी किया। दूसरी ओर माईम के द्वारा मोबाइल के साइड इफैक्ट भी युवा कलाकारों ने बताए, तो अन्य मंच पर पारंपरिक परिधानों में कथक की प्रस्तुति भी हुई। पांच मंचों पर अलग- अलग विधाओं का प्रदर्शन युवा कलाकारों ने किया।
मौका था मध्य क्षेत्रीय युवा उत्सव का। जीवाजी यूनिवर्सिटी परिसर में चल रहे इस फेस्ट के दूसरे दिन यानि गुरूवार को स्किट, माईम, सोलो वेस्टर्न, ग्रुप वेस्टर्न सांग, सुगम गायन, एकल शास्त्रीय नृत्य, क्विज, ऑन द स्पॉट पेंटिंग और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताएं हुईं। सभी प्रतियोगिताओं में कलाकारों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर ऑडियंस के साथ जजेज को इंप्रेस करने की कोशिश की। इस अवसर पर वीसी प्रो. संगीता शुक्ला, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ केशव सिंह गुुर्जर, प्रोक्टर डॉ. एसके सिंह और प्रो. एके श्रीवास्तव मौजूद रहे।
तकनीकी के विकास के साथ ही मोबाइल का उपयोग भी अधिक बढ़ गया है। हर कोई छोटी- छोटी बातों व घटनाओं को सोशल मीडिया पर अपलोड करना चाहता है। सोशल मीडिया पर अपडेट होने के कारण संवेदनाएं कम होती जा रहा हैं। पांच मिनट की माईम की प्रस्तुति में युवा कलाकारों ने सोशल मीडिया और मोबाइल के साइड इफैक्ट बताए। गालव सभागार में माईम की 17 प्रस्तुतियां हुईं। हर प्रस्तुति के लिए 5 मिनट निर्धारित थे। इसके अलावा कुछ कलाकारो ने मंच से अतुलनीय भारत की तस्वीर पेश की, जिसमें देश की अलग- अलग कला और संस्कृति को दिखाने की कोशिश की। इसके अलावा कुछ अन्य कलाकारों ने राजनीतिज्ञों पर कटाक्ष किया और बताया कि वे किस तरह से सत्ता पाने के लिए जनता में भेदभाव फैलाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में जनता वो ही करती और सोचती है, जैसा नेताजी चाहते हैं।