कांग्रेस सरकार के तीन काम धोखा, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था का बंटाढार-शेजवलकर

Dec 18 2019

ग्वालियर। मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर उसकी उपलब्धि यह है कि उसने वचन पत्र में जो कुछ भी कहा उसमें से कुछ भी नहीं किया। सरकार ने यदि कुछ किया तो तीन ही काम किए-पहला धोखा, दूसरा भ्रष्टाचार और तीसरा कानून व्यवस्था का बंटाढार। कर्जमाफी के बावजूद मध्यप्रदेश में किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहे हैं। किसानों को फसलें खराब होने पर मुआवजा नहीं मिलता। किसानों को हर दिन कुर्की की धमकियां मिल रही हैं। बैंकों से कर्ज वसूली के नोटिस मिल रहे हैं। कमलनाथ सरकार की झूठी कर्जमाफी के कारण किसान आत्महत्या को मजबूर हुआ है। 10 दिन में कर्जमाफी करने वाली सरकार के 11 माह में 122 से अधिक किसानों ने कर्ज वसूली से परेशान होकर आत्महत्या की। पर्याप्त यूरिया का स्टॉक होने के बावजूद प्रदेश सरकार ने किसानों के साथ छल करते हुए कालाबाजारी को बढावा दिया। हजारों किसान यूरिया के लिए बेहाल होकर सरकार को कोस रहे है। उक्त बात बुधवार को सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने कांग्रेस सरकार की एक साल के विफलताओं पर होटल शेल्टर में आयोजित प्रेसवार्ता में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। इस अवसर पर उनके साथ जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा, जिला महामंत्री कमल माखीजानी,  पवनकुमार सेन मौजूद थे। 
श्री शेजवलकर ने कहा कि मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार हर मुद्दे पर फेल हो गई है और जो वचन पत्र के वादे किए थे, वे पीछे छूट गए। अब प्रदेश में रेत-शराब माफिया और ट्रांसफर उद्योग ही चल रहा है और विकास पूरी तरह ठप्प है। केवल केन्द्र सरकार पर आरोप लगाने वाली कमलनाथ सरकार लोगों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि 'प्रदेश की कमलनाथ सरकार को एक वर्ष पूरा हो गया है, लेकिन यह सरकार लोगों से किए गए वादे पूरे करने में असफल रही है। किसान, छात्र, आम आदमी, व्यापारी सहित हर वर्ग निराश है। एक साल में प्रदेश में केवल घोटाले, भ्रष्टाचार हो रहे हैं। प्रदेश में खनिज, रेत माफिया, शराब माफिया, और तबादला उद्योग ही फल-फूल रहा है। उन्होंने बताया कि गांवों की यात्रा में यह तथ्य सामने आया कि बिजली ही लोगों को नहीं मिल रही है। किसानों की फसल बरसात में खराब हो गई और सरकार ने नुकसान का आंकलन नहीं किया। केवल केन्द्र सरकार पर धन नहीं देने के आरोप लगाना शुरू कर दिया। सरकार ने अभी तक किसानों को राहत नहीं दी। 
शेजवलकर ने कहा कि अब माफिया के नाम पर शहरों में सरकार जो कार्रवाई कर रही है, उसमें बिना दस्तावेज देखे मकान और भवन तोड़े जा रहे हैं, इससे सरकार की नीयत पर सवाल उठ रहा है। प्रदेश की कानून व्यवस्था खराब हो रही है। नौ महीने में 1278 हत्याएं और 39 हजार से ज्यादा महिलाओं से जुड़े अपराध दर्ज हुए हैं। ग्वालियर के बारे में सांसद शेजवलकर का कहना था कि  पूरे विकास के काम रोक दिए। स्मार्ट सिटी योजना में मंत्रियों ने इतने बदलाव करवाना शुरू कर दिए, जिससे योजना ही ठप्प हो गई। अमृत योजना का काम इसी साल नवंबर में पूरा होना था, वह नहीं हो पाया। अफसर और कांग्रेस के मंत्री केवल बैठक करते हैं और काम नहीं हो रहा है, क्योंकि उनके पास कोई विजन नहीं है।