बिल को लागू न करना, संसद के अधिकार को चैलेंज करना है - सांसद

Dec 17 2019

ग्वालियर। नागरिक संशोधन बिल को लेकर कमलनाथ ने यह कहा है कि इसे मध्यप्रदेश में लागू नहीं करेंगे। ये संसद के अधिकार को चैलेंज करना है और संघ की भावना के विरूद्ध है उनके ऐसे वक्तत्व और मंशा के खिलाफ राज्यपाल को ज्ञापन देने के लिए यहां हम आए हैं और प्रदर्शन करके आगाह किया कि इस तरह का कोई काम नहीं करें। भारत की संसद ने जो नागरिक संशोधन बिल बनाया है उसे तत्काल मध्यप्रदेश में लागू करें। यह बात मंगलवार को ग्वालियर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने ग्वालियर कलेक्ट्रेट पर घेराव के दौरान कही। 
श्री शेजवलकर ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिन्दू, सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध और पारसियों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान किया गया है, लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपनी तुष्टिकरण की राजनीति के चलते इस कानून को प्रदेश में लागू नहीं कर रही है, जबकि प्रदेश सरकार इसे लागू करने से इंकार नहीं कर सकती।
पूर्व मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि ये बिल पार्लियामेंट के दोनों सदनों में पास हुआ है और अब ये संविधान का हिस्सा बन गया है। देश के सभी प्रांतों का दायित्व बनता है अपने अपने प्रांतों में इस बिल को लागू करें। मध्यप्रदेश सरकार ने इस बिल को लागू करने से मना किया है। ये बिल राष्ट्रहित के अनुकूल है साथ ही किसी भी धर्म विशेष की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाता है।  
आज प्रदर्षन में वरिष्ठ भाजपा नेता वेदप्रकाश शर्मा, जयसिंह कुशवाह, जयप्रकाश राजौरिया, कमल माखीजानी, शरद गौतम, महेश उमरैया, धीर सिंह तोमर, बृजेंद्र सिंह जादौन, प्रमिला वाजपेयी, अशोक जादौन, राकेश गुप्ता, रामेश्वर भदौरिया, सुनीता शिवहरे, दीपक शर्मा, गजेंद्र सिंह राठौर, प्रमोद खंडेलवाल, विनोद शर्मा, पवनकुमार सेन, विवेक तोमर सहित सैकडों कार्यकर्ता मौजूद थे।