पनिहार शांतिगिरी प्राचीन अतिशय क्षेत्र में महोत्सव प्रारंभ

Dec 09 2019

ग्वालियर। पनिहार के समीप शांतिगिरी प्राचीन अतिशय क्षेत्र आमीगांव में वार्षिक मेंला महामस्तिकाभिषेक महोत्सव में आज जैन धर्मावलंबियों का सैलाब उमड़ रहा था। जैन समाज के बंधु महामस्तकाभिशेक में श्रद्धाभक्ति के रंग में रंगे नजर आ रहे थे। मौका था आचार्यश्री विशुद्ध सागर महाराज, मुनिश्री विश्रुत सागर महाराज सहित मुनिराजों के सानिध्य में वार्षिक उत्सव के अवसर पर 1500 सौ वर्ष पुरानी प्रतिमा भगवान षांतिनाथ, भगवान आदिनाथ, भगवान कुंथुनाथ, भगवान और भगवान आहारनाथ की अति प्राचीन, मनोहारी, खडगासन प्रतिमा का महामस्तकाभिषेक का केसरिया वस्त्र धारण कर मन में श्रद्धा भक्ति और आस्था संजोये श्रद्धालुओं में प्रथम तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ का अभिषेक करने के लिये श्रद्धालु उतावले हो रहे थे। स्वर्ण कलशों से अनेकों श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ अभिशेक कर स पूर्ण जगत में प्रेम, शांति, सद्भाव की कामना के साथ आचार्यश्री के सानिध्य में प्रभु के मस्तक पर मंत्रोचारित शांतिधारा की।
जैन तीर्थ हमारे देश की संस्कृति के माथे के तिलक होते हैं-आचार्यश्री
   आचार्य श्री विषुद्ध सागर महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जैन तीर्थ हमारे देश की संस्कृति के माथे के तिलक होते हैं। इसमें प्राचीन तीर्थ तो देश की वह धरोहर है जिनकी कीमत तो केवल श्रद्धालुओं द्वारा तीर्थ वंदना की जाने वाले अनन्तानंत श्रद्धाभक्ति के भावों से पहचाना जा सकता है। आचार्यश्री ने कहा कि अंतरंग भावों से की गई भक्ति अध्यात्मक और ध्यान के रंगों से सराबोर कर देती है। अगर हमारे परिणामों में, आचरण में, अहिंसा के साथ सरलता, निर्मलता विद्वमान हो जायेगी तो हमारी तीर्थ वंदना और प्रभु की भक्ति करना सार्थक है। कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष पी.सी जैन, कार्यध्यक्ष पं. संतोश जैन, सचिव अषोक कुमार जैन, राजेंद्र जैन कोशाध्यक्ष, एवं सहसचिव डॉ ललिता जैन सहित कमेटी ने आचार्यश्री को श्रीफल भेंट कर आषीवाद लिया।
आचार्यश्री के सानिध्य महोत्सव का शुभांरभ हुआ, महिलाओ ने मंगलकलश से आगवानी की
   जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि आचार्यश्री विषुद्ध सागर महाराज, मुनिश्री विश्रुत सागर एवं अन्य मुनिराजों ने क्षेत्र के दर्षन किए। आचार्यश्री के सानिध्य में अतिशय क्षेत्र आमीगांव के वार्शिक मेला महामस्तकाभिशेक महोत्सव का षुभारंभ भिंड की सांसद श्रीमती संध्याराय ने ध्वजरोहण लहर कर किया। दीप प्रज्वालित चैधरी विमल जैन व आदित्य जैन एवं मंडप उद्घाटन जिनेद्र राजश्री जैन ने किया। महिलाओ ने मंगल कलश से आचार्यश्री की मंगल आगवानी की।
 1200 से 1500 सौ साल पुरानी प्रतिमाएं है

जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि आमीगांव अतिशय क्षेत्र की पहाड़ी के पत्थरो में बनी अद्भुत प्राचीन, मनोहारी भगवान षांतिनाथ, भगवान आदिनाथ, भगवान कुंथुनाथ, एवं भगवान आहारनाथ की प्रतिमाएं 12000 से 1500 वर्ष पुरानी महाराज श्री पासा सिंह देवराजे की प्राचीन शिलालेख पर अंकक्षेप है।

पानी के कुंड से रोग ठीक होते है, क्षेत्र पर कई चमत्कार भी होते है 
 आमीगांव अतिषय क्षेत्र पर एक चमत्कारी कुंड है गांव एवं कमेटी कहना कि इस कुंड के पानी से नहाने एवं शरीर पर पानी लगाने से सारे रोग दूर हो जाते हैं। कई श्रद्धालुओ के रोग इस पानी से सही हुए है।