मुक्ति का मार्ग दिखाती है गीता : राजा बाबू सिंह

Dec 09 2019

ग्वालियर। ग्वालियर रेंज के एडीजी राजाबाबू सिंह ने कहा है कि जीवन में अगर मुक्ति चाहते हो तो विषय-वासना को जीवन से मिटा दो। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी वास्तविक जीवन में पहले पत्रकार थे, जो अपने विचारों से समाज को बदलने तक का माददा रखते थे। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्र निर्माण में मीडिया की बडी भूमिका रही है। 
एडीजी राजाबाबू सिंह प्रेस क्लब ग्वालियर द्वारा महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती एवं गीता जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्र के विकास में मीडिया की भूमिका विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। एडीजी राजाबाबू सिंह ने अपने विचारों की शुरूआत एक कहानी से की। इसमें उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक स्कूल के छात्र की नई घडी चोरी हो गई। उसने अपने शिक्षक से कहा कि उसके जन्मदिन पर एक घडी ही मिली जो चोरी हो गई। शिक्षक ने कहा कि सभी बच्चे अपनी आंख पर पटटी बांध कर एक दूसरे की तलाशी लें। तलाशी में एक बच्चे के पास घडी मिल गई। काफी अर्सा बीतने के बाद वह बच्चा काफी बड़ा हुआ और वह बडा उद्योगपति भी बन गया। एक दिन वह अपने उन्हीं शिक्षक के पास पहुंचा और उनके पैर छूकर बोला आपने घडी चोरी वाले दिन सभी की आंखों पर पटटी बंधवा दी थी यदि आप ऐसा नहीं करते तो मैं उस दिन ग्लानि के चलते आत्महत्या कर लेता। इसके बाद शिक्षक ने कहा कि तुमने घडी चुराई थी, वह उद्योगपति बोला कि आपने भी मुझे नहीं देखा कि मैने घडी चुराई इस पर शिक्षक ने कहा कि मैने भी अपनी आंख पर पटटी बांध रखी थी। एडीजी राजाबाबू सिंह ने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता में बडी कमी आई है। वह सबसे बडी कमी जजमेंटल की है। पत्रकार के मन में जजमेंटल का भाव आ जाता है। पत्रकार स्वयं ही निर्णय करने लगते हैं।  
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार डॉ. राम बिद्रोही ने कहा कि महात्मा गांधी इस दुनियां के सबसे बडे पत्रकार थे। वह पत्रकार के रूप में जनभावनाओं को समझते थे और जनता की भावनाओं को अभिव्यक्त कर समाज के दुष्परिणामों को सामने लाते थे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की पत्रकारिता के तीन प्रमुख सिद्धांत थे। डॉ. बिद्रोही ने कहा कि मौजूदा परिवेश में पत्रकारिता की अवधारणा बदलती जा रही है। पहले पृष्ठ कम होते थे, पाठक ज्यादा होते थे। आज उलट पृष्ठ ज्यादा होते हैं और पाठक मात्र पांच मिनट में पूरा समाचार पत्र पढ लेता है।  
इस अवसर पर संगोष्ठी को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि विधायक मुन्नालाल गोयल ने कहा कि जिन मूल्यों की राजनीति के लिये महात्मा गांधी को याद किया जाता है उस समय और आज की राजनीति में जमीन आसमान का फर्क है। राजनीति के मायने बदल गये हैं। आम जन का विश्वास नेताओं और राजनैतिज्ञों राजनैतिक दलों से उठ रहा है। जो लोकतंत्र के लिये घातक है। उन्होंने कहा कि गांधी का आज सपना साकार नहीं हो पा रहा है। देश में दोहरी नीतियां हैं। अमीर-गरीब का भेद हैं। शिक्षा का समान भाव नहीं है। हमें गांधी के सिद्धांतों को अपनाकर आमजन की सच्चे भाव से सेवा करनी चाहिये। 
इससे पहले सभी अतिथियों ने सरस्वती वंदन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में सबसे पहले स्वागत भाषण प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश शर्मा  संचालन सुरेन्द्र माथुर आभार वरिष्ठ पत्रकार  राकेश अचल ने व्यक्त किया।  इस अवसर पर एडीजी राजाबाबू सिंह ने अपने द्वारा लाई गई श्रीमद भागवत गीता यथारूप पुस्तकों को सभी मौजूद पत्रकारों को वितरित किया और पत्रकारों से आवहान किया कि वह रोजाना गीता को पढेंगे तो उन्हें एक अलग भाव जीवन में मिलेगा। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार डॉ. केशव पांडे, राकेश अचल, डॉ. सुरेश सम्राट, रविन्द्र झारखडिया, प्रदीप तोमर, गुरू शरण सिंह ,अजय मिश्रा, मप्र पत्रकार संघ के संभागीय अध्यक्ष परेश मिश्रा, मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ के संभागीय अध्यक्ष प्रदीप मांढरे, सुभाष अरोरा, दिनेश राव,जोगेन्द्र सेन, अशोक पाल,रवि शेखर, जावेद खान, संजय त्रिपाठी, राज दुबे,सुनील पाठक , विनोद शर्मा ,  विष्णु अग्रवाल, मचल सिंह बैस, रवि यादव, रमन शर्मा, विजय पांडे, राजेश अवस्थी लावा आदि मौजूद रहे।