गौशाला में गायों की मौत, शवों को नौचते दिखे कुत्ते

Dec 09 2019

ग्वालियर। सोमवार को नगर-निगम की घोर संवेदनशीलता के कारण गोले के मंदिर पर मॉर्क हॉस्पिटल में शुरू की गई गौशाला में सात गायें मृत हो गईं और विड बना ऐसी कि देखरेख के अभाव में गायों के शव को आवारा कुत्ते नोंचते रहे। इसके बाद भी जि मेदार अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा। उनका यह कहना है कि कुछ गायों ने पन्नी खा ली थीं इस कारण से वे मरगईं। गायों के मरने की सूचना पर मीडिया और निगम आयुक्त समेत अन्य अधिकारी मार्क अस्पताल पहुंचे लेकिन गायों के मृत होने की ग भीरता उनके चेहरे पर दिखाई नहीं दी। गौशाला में हालात बिगडऩे से गायों के मरने की तादाद बढ़ भी सकती है। बता दें कि गौशाला में 1500 गाय हैं। लाल टिपारा से भी यहां पर गाय आ जाती हैं। इनमें से बड़ी सं या में गाय बीमार हैं। जिनका इलाज संभव हो सकता था, लेकिन इसमें घोर लापरवाही सामने आई है।
निगम प्रशासन द्वारा न तो यहां पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी दिए गए हैं और न ही वहां पर गायों को बारिश और सर्दी से बचाने के लिए टीनशेड आदि बनाए गए हैं। बताया जाता है कि जो गाय बीमार और कमजोर होती हैं उन्हें लाल टिपारा से मार्क अस्पताल छोड़ दिया जाता है। यह गायें इलाज न मिलने और सर्दी के कारण मर रही हैं। अभी भी बड़ी सं या में गाय बीमार हैं।
सर्दी से बचाव के कोई इंतजाम नहीं मॉर्क हॉस्पिटल के अंदर बनी गौशाला में गाय खुले में रहती हैं। उन्हें सर्दी के मौसम का सामना करना पड़ रहा है। इनमें से बड़ी सं या में गाय बीमार हैं। न तो उन्हें पर्याप्त भोजन मिल रहा है और न ही उनकी देखरेख हो रही है। गौशाला में कीचड़ में गाय बैठी मिली। इनमें से गायों की हालात खराब थी। इन गायों को पर्याप्त मात्रा में खाना मिल सके इसके लिए खनौटे तक नहीं हेैं। इस कारण गायों को दिए जाने वाला आधा चारा बर्बाद हो रहा है।गौशाला में गायों के चेकअप व देखभाल के लिए पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों को जिमेदारी सौंपी गई है। लेकिन यहां पर पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टर यदा-कदा ही आते हैं। इसके कारण गायों को पर्याप्त मात्रा में इलाज नहीं मिल पा रहा है। यह मृत गायें 20 दिन से बीमार थीं। अगर समय पर उनका इलाज हो जाता और निगम के अधिकारी अपनी जि मेदारी को समझते तो इतनी सं या में गाय नहीं मरतीं।