मनुष्य को साधना एवं आराधना दोनों करना चाहिए:मुनिश्री

Dec 01 2019

ग्वालियर। साधना एवं आराधना दो प्रकार के तप है। साधना मन से होती है और आराधना वचन और काया से होती है। अंतकाल से अभी तक आराधना ही होती रही है। साधना नहीं हुई है। साधना हो जाती तो परित्त संसारी हो जाते। पुण्य करना चाहिए। मनुष्य को धर्म करना चाहिए। धर्म करते हुए जीव पुण्य का फल प्राप्त कर लेता है। पुण्यकर्ता जीव सिर्फ पुण्य का फल प्राप्त करता है। इसलिए साधना से जुड़ें।हमें सम्यकदृष्टि जीव बनना चाहिए। सम्यकदृष्टि जीव पाप नहीं करता है, पाप करते हैं, या अंजाने में हो जाता है, हमें पाप नहीं करना चाहिए। यह विचार जैन मेडिटेषन विहसंत सागर मुनिराज ने आज रविवार को आनंद नगर स्थित जैन मदिर में मंगल प्रवेष के दौरान धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। मुनिश्री विष्वसूर्य सागर महाराज भी मौजूद थे।
मुनिश्री के चरणो में आनंद नगर के ओमप्रकाष जैन, विवेक जैन, राजेष जैन, विकास जैन, प्रवक्ता सचिन जैन, एवं नीता जैन, उशा जैन, कमलेष जैन, नेहा जैन अलका जैन, सीमा जैन पिंकी जैन, नैंसी जैन ने भेंट कर आर्षिवाद लिया। 
मुनिश्री विहसंत सागर महाराज का मंगल प्रवेष आज आनंद नगर में हुआ
आज 1 दिसंबर रविवार को नई सडक़ से पदविहार कर मुनिश्री विहसंत सागर महाराज एवं मुनिश्री विष्वसूर्य सागर महाराज का आनंद नगर जैन समाज ने बड़े धूमधाम के साथ आनंद नगर जैन मदिर में भव्य मंगल प्रवेष ढोल और तासे के साथ कराया। जगह जगह जैन समाज के लोगो ने मुनिश्री के पादप्रक्षालन कर आरती उतारकर आषीर्वाद लिया।
मुनिश्री के सानिध्य में भगवान का अभिशेक कल्पदृव्य महामंडल आज शुरू होगा
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि 2 दिसम्बर को मुनिश्री एवं विधानचार्य संदीप षास्त्री के मार्ग दर्षन में प्रात: 8 बजे से मंत्रउच्चारण के साथ ध्वजरोहण कर षुभारंम किया जाएगा। उसके उपरांत भगवान पाष्र्वनाथ का अभिशेक, षातिधार के साथ श्री चमत्कारी कल्पदृव्य महा महामंडल विधान महापूजन षुरू किया जाएगा। विधान के बाद विष्वषाति महा यज्ञ जैन समाज के लोगो के द्वार आहुतिया दी जाऐगी। सांयकाल भगवान की भव्य आरती की जाऐगी।
3 दिसंबर को भगवान जिनेंद्र की रथयात्रा निकाली जाएगी
3 दिसम्बर को प्रात-11 बजे से आंनद नगर जैन मंदिर से भगवान जिनेंद्र कव रथयात्रा गाजेबाजे के साथ निकाली जाऐगी। रथयात्रा आनंद नगर जैन मंदिर से प्रारंभ होकर मुख्य मार्गो से घूमती हुई वापस जैन मंदिर पहुचेगी। जहॉ मुनिश्री के प्रवचन एवं भगवान पाष्र्वनाथ का अभिशेक व षातिधार के उपरांत पुण्न भगवान को वेदी मे विराजमान किया जाएगा।