एड्स से बचाव जागरुकता व सुरक्षा के द्वारा संभव: डॉ. मनीष

Dec 01 2019

ग्वालियर। एड्स नामक महामारी बीमारी के बचाव के लिये जागरुकता ही सबसे बड़ा उपाय है। इसके लिये राष्ट्रीय सेवा योजना एक ऐसा मंच है जिसके द्वारा इस बीमारी से हम बच सकते हैं। इसके लिये सर्तकता व सुरक्षा आवष्यक है, राष्ट्रीय सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य सभी व्यक्तियों को समाज से जोडऩा होता है जिसके लिये स्वयं सेवक समाज में जाकर प्रयास करते हैं कि जन-जागरूकता के द्वारा समाज एक हो सके। इसके अंतर्गत माधव महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा विश्व एड्स दिवस पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। एड्स छुआछूत की बीमारी नहीं है ना ही एक दूसरे के साथ-साथ रहने से फैलती है जिससे बचने के लिये हमें कुछ उपाय करने चाहिये यह बात डॉ. मनीष शर्मा ने कही। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. मनीष शर्मा, सहायक प्राध्यापक मेडिसिन विभाग जी.आर मेडिकल कॉलेज ग्वालियर, विषिष्ट अतिथि प्रो. रविकांत अदालत वाले समनवयक रा.से.यो. जीवाजी विष्वविद्यालय, अध्यक्षता डॉ. मनोज चतुर्वेदी, जिला संगठक व प्राचार्य माधव महाविद्यालय, वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय कुमार पाण्डेय रा.सेयो. माधव महाविद्यालय, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेष मिश्रा उपस्थित थे। 
डॉ. मनीष शर्मा, ने एड्स पर विस्तृत प्रकाश डालते हुये युवा पीढ़ी द्वारा आज के दिवस पर जन-जन तक यह बात पहुंचानें का आव्हान किया। एड्स दिवस से इस बिमारी के बारे में फैंली हुई भ्रंतियों को दूर करना और एड्स पीडित व्यक्ति को सम्मान के साथ में समाज में स्थान देना ही प्रमुख उद्देश्य हैं। एड्स एक माहमारी है और इसके ताजे आंकड़े चिंताजनक भी है। उन्होंने कहा कि सभ्य समाज के लिये इसके संरक्षण द्वारा बचाव के द्वारा बचा जा सकता है। 
प्रो. रविकांत अदालत वाले ने रा.से.यो. छात्रों से आव्हान किया कि एड्स द्वारा पीडि़त व्यक्तियों को समाज के इस व्यवस्था में जोड़े और केम्पों के माध्यम से एन.एस.एस. के स्वयं सेवक उनके लक्षण व सुझाव को जन-जन तक पहुंचायें। योनजनित बिमारी होने के बावजूद भी यह गर्भवती माता को बिना एच.आई.वी. जांच के रक्त चढ़ाने तथा स्तेमाल की गई इनजेक्षन के द्वारा फैलने की ज्यादा सम्भावना रहती है जिससे बचा जायें। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजय कुमार पाण्डेय तथा आभार डॉ. राजेश मिश्रा ने किया। 
डॉ. चतुर्वेदी, ने रा.से.यो. छात्रों से आव्हान किया कि एड्स द्वारा पीडि़त व्यक्तियों को समाज के इस व्यवस्था में जोड़े और केम्पों के माध्यम से एन.एस.एस. के स्वयं सेवक उनके लक्षण व सुझाव को जन-जन तक पहुंचायें। यौनजनित बिमारी होने के बावजूद भी यह गर्भवती माता को बिना एच.आई.वी. जांच के रक्त चढ़ाने तथा स्तेमाल की गई इनजेक्शन के द्वारा फैलने की ज्यादा सम्भावना रहती है जिससे बचा जायें। 
डॉ. पाण्डेय विश्व एड्स दिवस पर रा.से.यो. के स्वयं सेवकों व महाविद्यालय परिवार के लोगो को वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय पाण्डेय ने एक शपथ दिलाई कि एड्स की जनजागरूकता के लिये हम लोगों को जागरूक करेगें और एड्स से बचाव के सभी उपायों को मानेंगे। 
कार्यक्रम में स्वयं सेवक अंकुर चौरसिया, लीतेष कटारे, संजय यादव, तरुण रोहिरा, करन, रवि, कु. नैना गर्ग आदि लोग उपस्थित थे।