तीस हजार के इनामी परमाल तोमर को शॉर्ट एनकाउन्टर में पुलिस ने किया गिरफ्तार
Dec 01 2019
ग्वालियर। उपनगर ग्वालियर मेें गैंगवार करवाने वाले गैंगस्टर परमाल सिंह तोमर ने शॉर्ट एनकाउंटर में घायल होने के बाद अस्पताल पहुंचते ही पुलिस अफसरों से गुहार लगाई है कि उसकी जान को खतरा है और उसे सुरक्षा दी जाए। परमाल सिंह को पुलिस कस्टडी में कौन मार सकता है, इसका खुलासा उसने नहीं किया है। परमाल की बात पर पुलिस ने गंभीरता दिखाई और एक दर्जन से ज्यादा हथियारबंद गार्ड तैनात किए हंै। पुलिस अफसरों को पकड़े गए आरोपी परमाल सिंह ने बताया कि पंकज की हत्या उसने अभिषेक की गोलियों से भूनकर की गई हत्या का बदला लेने के लिए की थी। उल्लेखनीय है कि हजीरा क्षेत्र में प्रॉपर्टी कारोबारी पंकज सिकरवार की हत्या के आरोप में परमाल सिंह को क्राइम ब्रांच तथा पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर में पकड़ा गया है। पंकज ने हत्या से पहले एसपी और आईजी को परमाल से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी।
परमाल तोमर बचपन से ही आपराधिक प्रवृत्ति का था, बालिग होने से पहले ही उसके खिलाफ कई मामले दर्ज है और उसने अपना पहला मर्डर सोलह साल की उम्र में किया था और एक बार अपराध की दुनिया में पहुंचने के बाद उसने वापस मुडक़र नहीं देखा और गैंगस्टर बन गया और अभी तक उसके खिलाफ लूट, हत्या सहित करीब दो दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। जिनमें पांच हत्याओं के मामले है।
गैंगस्टर को पकडऩे के लिए चार टीमें बनाई गई थी। एक टीम मेेंं डीएसपी क्राइम रत्नेश तोमर, टीआई क्राइम ब्रांच दामोदर गुप्ता के साथ क्राइम ब्रांच के जवान तथा दूसरी टीम में क्राइम ब्रांच उपनिरीक्षक मनोज परमार तथा क्राइम ब्रांच जवान, वहीं तीसरी टीम में सीएसपी महाराजपुरा रवि भदौरिया, टीआई हजीरा तथा हजीरा पुलिस टीम तथा चौथी टीम में थाना प्रभारी पुरानी छावनी राजीव गुप्ता तथा थाना पुलिस शामिल थी।
जिस समय पुलिस ने परमाल सिंह को घेरा वह बाइक पर अपने दो साथियों के साथ मुरैना की तरफ जा रहा था। जैसे ही पुलिस टीम से उसका सामना हुआ उसने पिस्टल निकालकर फायर ठोक दिया और बाइक से कूदकर खेत से भागने का प्रयास किया। उसे भागते देखकर पुलिस टीम उसके पीछे भागी तो उसके दो साथी भाग निकले। पुलिस का मानना है कि भागने वालो में सोनू तोमर था।
पुलिस को प्रारंभिक पड़ताल में पता चला है कि परमाल तोमर प्रॉपर्टी कारोबारी पंकज सिकरवार की हत्या करने के बाद भागकर यूपी के झांसी पहुंचा था और वह यूपी के अलग-अलग शहरों के साथ ही दिल्ली में भी फरारी काटी थी। अब पुलिस उससे आश्रयदाताओं की जानकारी जुटा रही है, जिससे उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।
पुलिस ने पंकज हत्याकाण्ड में अभी तक राघे तोमर, बालिस्टर तोमर, शैलू तोमर, राघवेन्द्र सिंह, तारे तोमर, गुलशन तोमर, सोनू उर्फ शिवराम तोमर तथा भाईजी चौहान पकडें जा चुके है। भाईजी चौहान ने कोर्ट में सरेंडर किया था।
पंकज सिकरवार की हत्या में अभी भी सोनू तोमर, आंसू तोमर, रमन चौहान, संजय तोमर, हरगोविन्द भदौरिया, अजय भदौरिया, रानू और मनोज चौहान अभी भी फरार हैं। फरार आरोपियों में सोनू और आंसू पर तीस हजार का इनाम तो रमन व संजय तोमर पर दस-दस हजार रुपए का इनाम घोषित है। वहीं रमन चौहान और संजय पर दस-दस हजार रुपए का इनाम घोषित किया है, इसके साथ ही हरगोविन्द, अजय पर पांच-पांच हजार रुपए का इनाम है।
गैंगस्टर परमाल तोमर हत्या करने के बाद भी इतने समय से सक्रिय है, इसके बाद भी पुलिस उसे पकड़ नहीं पाती, इसका कारण उसे स्थानीय नेताओं द्वारा संरक्षण मिलने की बात भी सामने आती है।
साढ़े चार माह से पुलिस थी इससे परेशान
पंकज सिकरवार हत्याकांड में पुलिस को लगातर परेशान करके रखने वाले तीस हजार रुपए के इनामी बदमाश परमाल तोमर को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। यह लगातार भाग रहा था और अब यह और ना भाग पाए इसलिये मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने ऐसा निशाना साधा कि गोली इसके घुटने के नीचे ही हड्डी के आरपार हो गई। परमाल की पुलिस पंकज सिकरवार हत्याकांड में सरगर्मी से तलाश कर रही थी। पंकज की हत्या इसके ही खुरापाती दिमाग की उपज थी और हत्या के बाद ही यह उत्तर भारत के कई राज्यों में छिपता फिर रहा था। इसके खाते में हत्या के चार मामले दर्ज हैं। परमाल तोमर मूलत: मुरैना के अंबाह का रहने वाला है और मात्र सोलह साल की उम्र में ही इसने पहला अपराध कर अपराध जगत में कदम रख दिया था।
पंकज सिकरवार की गोली मारकर हत्या करने के बाद से ही परमार तोमर पुलिस को छकाए हुए था। पंकज सिकरवार की इसी साल 10 जुलाई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद इस हत्या कांड में शामिल बदमाशों को पुलिस किश्तों में पकड़ती गई पर हत्या का ताना बाना बुनने वाला परमाल पुलिस की आंखों में लगातार धूल झोंके हुए था। वह इस दौरान कई बार ग्वालियर आया और पुलिस जब तक अलर्ट हो पाती तब तक वह भाग निकलता था।
खेत में मारी गोली
पुलिस को इसके ग्वालियर आने की सूचना मिली थी। इसी टिप पर पुरानी छावनी इलाके में पुलिस कई थानों पर प्वाइंट लगाए खड़ी थी। परमार अपने दो साथियों के साथ रात लगभग तीन बजे एक बाइक पर आते दिखा। पुलिस को देख यह जलालपुर सुसेरा कोठी की तरफ भागे। पुलिस ने इन्हें घेरा तो परमाल ने फायरिंग शुरू कर दी। यह बाइक पर पीछे बैठा था। जान मुसीबत में देख यह बाइक से कूदा और खेतों में भागा तो पुलिस इसके पीछे लग गई। खेत में फायरिंग के दौरन एक गोली इसके घुटने के आरपार निकल गई और फिर यह भाग नहीं सका। इसके पास से दो हथियार मिले हैं जबकि इसके दो साथी भागने में कामयाब हो गए।
संपादक
Rajesh Jaiswal
9425401405
rajeshgwl9@gmail.com
MP Info News
Invalid RSS feed URL.
ब्रेकिंग न्यूज़
विज़िटर संख्या
अन्य ख़बरें
-
-
-
*हेमू कालानी जन्मोत्सव मिष्ठान वितरण कर बनाया* *
—03/23/2019 -









