जयारोग्य में जगह-जगह पसरी गंदगी

Nov 28 2019

ग्वालियर। ग्वालियर चंबल संभाग का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है जयारोग्य चिकित्सालय। कई प्रदेशों से इलाज कराने यहां मरीज आते हैं। वहीं वर्ष भर में इस अस्पताल में करोड़ों रुपए का बजट सुविधाओं के लिए स्वीकृत किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद भी मरीज एक ही बात कह रहे हैं कि इस अस्पताल में आकर और गंदगी देखकर अच्छा-खासा आदमी बीमार हो जाए। जयारोग्य अस्पताल में
मरीजों के स्वास्थ्य के साथ किस प्रकार का घिनौना मजाक अस्पताल प्रबंधन द्वारा किया जा रहा है इसका उदाहरण है यहां संचालित हो रहा ब्लड बैंक। जयारोग्य अस्पताल परिसर में ब्लड बैंक के बाहर सीवर का मलबा स्वच्छता अभियान का मजाक किस कदर उड़ा रहा है। ब्लड बैंक की दीवार से सटे सीवर चेंबर के बाहर कई दिनों से पड़ी गंदगी इसका जीता-जागता सबूत है।
सीवर का मलबा ब्लड देने और लेने आए लोगों को नाक पर हाथ रखने पर मजबूर कर रही है। इधर अस्पताल के डॉक्टर और उच्च पदाधिकारी अपने एसी चेम्बर में बैठे हैं। उन्हें इतनी गंभीर समस्या का समाधान करने की कोई फिक्र नहीं है। जबकि गत दिवस ही मलेरिया विभाग की टीम को यहां पर डेंगू का लार्वा मिला था।
बता दें कि अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक की इमारत के बाहर सीवर लाइन जाम होने से पानी ओवर लो हो रहा है। इससे मरीज और उनके परिवारजन भी परेशान हो रहे हैं। आलम यह है कि ब्लड बैंक की भवन के साइड वाली दीवार के पास कई दिनों से सीवर का मलवा होने से व गंदा पानी होने और दुर्गंध उठने से संक्रामक बीमारी फैलने की पूरी आशंका बन गई है, लेकिन समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। ब्लड बैंक में खून लेने आए एक युवक ब्लड की थैली लेकर बाहर निकला तो उसने बदबू के कारण अपने मुंह पर रुमाल बांधा।
ब्लड बैंक के बाहर लगाग चार सीवर चेंबर बने हुए हैं। सफाई कर्मचारियों ने सीवर तो साफ कर दिया लेकिन उसका मलबा नहीं उठाया। इससे मलबा सूख गया है और इससे आने वाली बदबू ने यहां लड बैंक आने वाले लोगों का बुरा हाल कर दिया है। यहां कार्ररत एक सुरक्षा कर्मचारी ने बताया कि हम क्या करें हमे तो इस गंदगी में ही काम करना है।
खास बात यह है कि ग्वालियर और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में इलाज कराने मरीज आते हैं। इमरजेंसी के बाहर गंदगी होने से सबसे अधिक परेशानी भर्ती मरीजों, परिजनों को हो रही है। न्यूरोलॉजी भवन के पास ही ब्लड बैंक हैं। यहां गंभीर बीमारी का इलाज गंदगी के बीच हो रहा है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी अब तब चुप हैं।