नानी के खाते से उड़ाए सवा दो लाख

Nov 24 2019

ग्वालियर। रिटायर्ड नानी की देखभाल करने आए नातियो ने उनके खाते मे जमा सवा दो लाख रुपए पेटीएम की मदद से निकाल लिए। वारदात गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के शिव कॉलोनी पिण्टो पार्क की है। वारदात का पता उस समय चला जब नानी खाते से रुपए निकालने पहुंची तो पता चला कि खाते में रुपए तो जमा ही नहीं हैं। इसा पता चलते ही मामले की शिकायत एमपी नवनीत भसीन से की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच की सायबर टीम को दी। दो माह की पड़ताल के बाद सायबर सेल ने आरोपियों को दबोच लिया है।
एएसपी क्राइम ब्रांच पंकज पाण्डेय ने बताया कि गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के पिण्टो पार्क शिव कालोनी निवासी कुंती देवी एयरफोर्स से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। कुछ माह पूर्व उनके पास पढऩे और उनकी देखभाल करने के लिये बीट के बेटे रवि भार्गव व सचिन भार्गव आए थे। नानी की देखभाल के साथ ही वह घर के काम भी देख लेते थे और अपनी पढ़ाई करते थे। जुलाई माह में जब उन्हें कुछ रुपयों की जरूरत पड़ी तो वह रवि के साथ बैंक रुपए निकालने पहुंचीं तो पता चला कि खात में जमा सवा दो लाख रुपए गायब हैं। इसका पता चला तो उन्होंने बैंक से डिटेल निकलवाई तो पता चला की ऑन लाइन खाते से पैसे ट्रांसफर हुए हैं। 
रवि खुद लेकर पहुंचा एसपी के पास शिकायत करने
ठगी का पता चलते ही रवि अपनी नानी को लेकर एसपी नवनीत भसीन के पास पहुंचा और मामले की शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी दामोदार गुप्ता को सौंपी। जिस पर श्री गुप्ता ने उप निरीक्षक हरेन्द्र सिंह और धर्मेन्द्र शर्मा के साथ ही शिवा, शिवशंकर, सुमित भदौरिया, ओमशंकर, लोकेन्द्र राणा, सुनीता कुशवाह, राजकुमारी, आकाश पांडे, केपी यादव व पुष्पेन्द्र सिंह की टीम बनाकर मामले की जांच में लगाई।
दो माह में मिली सफलता
डीएसपी क्राइम ब्रांच रत्नेश तोमर ने बताया कि दो माह की पड़ताल के बाद क्राइम ब्रांच को सुराग मिला कि रुपए ट्रांजेक्शन करने के लिए जिस मोबाइल का उपयोग किया गया है वह रवि और सचिन का है। इसका पता चलते ही क्राइम ब्रांच ने उन्हें दबोच लिया। जब उनसे पूछताछ की तो वे पहले क्राइम ब्रांच को टहलाते रहे, लेकिन जब उनके मोबाइल से ट्रांजेक्शन के सबूत रखे तो वे घबरा गये और वारदात करना स्वीकार किया।
यू ट्यूब से सीखा ठगी का तरीका
क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी दामोदर गुप्ता ने बताया कि पेटीएम से ठगी का तरीका रवि ने यू ट्यूब से सीखा था और पकड़े ना जाएं, इसके लिये आरोपियों ने नानी के मोबाइल पर आए सभी मैसेज डीलिट कर दिए थे। लेकिन वे यह भूल गए थे कि जिस मोबाइल से ट्रांजेक्शन किया था वह रवि का था और वे पकड़े गए।