मानहानि और न्यायालय की अवमानना के बारे में दी जानकारी

Nov 18 2019

ग्वालियर। मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की ग्वालियर संभाग कार्यकारिणी की यहां हुई बैठक में कानूनविद् एडवोकेट अशोक बंधु श्रीवास्तव ने पत्रकारों को मानहानि और न्यायालय की अवमानना कानून की बारीकियों के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा कि राममंदिर प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की एआईएमआईएम सांसद ओवेसी ने जिस तरह से आलोचना की है वह भी न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आती है। 
एडवोकेट श्रीवास्तव ने मानहानि कानून का हवाला देते हुए बताया कि ऐसी प्रकाशन सामग्री जो जनहित में है, वह मानहानि की श्रेणी में नहीं आ सकती। उन्होंने बताया कि प्रकाशित खबर का साक्ष्य यदि प्रस्तुत कर दिया जाए तो संबंधित पत्रकार मानहानि मुकदमें से बच सकता है। 
बैठक में संघ के संभागीय अध्यक्ष प्रदीप मांढरे, प्रदेश पदाधिकारी राजेन्द्र श्रीवास्तव, उपेन्द्र गौतम, राजकुमार दुबे, शिवपुरी जिलाध्यक्ष राजू यादव, गुना जिलाध्यक्ष हरिप्रसाद शर्मा, ग्वालियर जिलाध्यक्ष ब्रजमोहन शर्मा, संभागीय पदाधिकारी सुरेश दण्डोतिया, राजीव अग्रवाल, रमन पोपली, हरीश दुबे,नरेन्द्र दुबे,नरेन्द्र तिवारीे, संजय तोमर, अरविंद माथुर, कविता मंाढरे, सुनील शर्मा, अभय कोचेटा, मणिकांत शर्मा,  जिला पदाधिकारी बलराम सोनी, वरूण शर्मा, रशीद खान इत्यादि ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि   संगठन के सदस्यता अभियान को गति दी जाए, प्रशासन नियमानुसार पत्रकारों की बैठक बुलाएं और  फर्जी पत्रकारों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाए। 
ग्वालियर में आयोजित मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की ग्वालियर संभाग कार्यकारिणी की बैठक में मानहानि और न्यायालय की अवमानना कानून के बारे में विस्तार से जानकारी देते हाईकोर्ट के वकील एडवोकेट आलोक बंधु श्रीवास्तव। मंच पर संभागीय अध्यक्ष प्रदीप मांढरे, प्रदेश पदाधिकारी राजेन्द्र श्रीवास्तव, उपेन्द्र गौतम और राजकुमार दुबे भी मौजूद थे।