विद्यार्थियों ने सीखा मैप अपडेट करने का तरीका ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा मैपाथोन कार्यशाला का हुआ आयोजन

Nov 13 2019


ग्वालियर दिनांक 13 नवम्बर  शहर के विद्यार्थियों तथा मैपिंग के इच्छुक व्यक्ति  मैप किस प्रकार से अपडेट कर सकते हैं और इसके लिए कौन कौन से टूल्स का उपयोग किया जाता है साथ ही मैपाथोन इवेंट मे किस तरह से भागीदार बन सकते हैं। इसके प्रशिक्षण देने के उद्धेशय को लेकर आज बुधवार को अन्तर्राष्ट्रीय जीआईएस दिवस के अवसर पर ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बाल भवन में मैपाथोन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के माध्यम से इस विषय पर प्रतिभागियों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में स्मार्ट सिटी सीईओ श्री महीप तेजस्वी सहित विषय विशेषज्ञ विशेष रूप से उपस्थित थे। 
     ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा जल्दी एक मैपाथोन का आयोजन किया जाएगा जिसमें शहर के आम लोग मैप अपडेट करने में अपनी भागीदारी कर सकेंगे। अपने क्षेत्र के अहम स्थल जैसे चिकित्सालय, शैक्षिक संस्थान, आपातकालीन सेवा केन्द्र इत्यादि को मैप पर अंकित कर सकेंगे। 
      कार्यशाला के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा मैप की उपयोगिता के बारे में विस्तार से समझाया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में कॉलेज के भूगोल, पृथ्वी विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, शहरी नियोजन एवं वस्तु कला व कम्प्यूटर विज्ञान आदि विषय के छात्र छात्राएँ उपस्थित थे। कार्यशाला में प्रेजेंटेशन के माध्यम से छात्रों को ओपन स्ट्रीट मैप सॉफ्ट्वेर का उपयोग कर किस प्रकार मैप को अपडेट किया जा सकता है इसे समझाया गया। साथ ही उन शहरों जहां पहले मैपाथोन आयोजित किए गए हैं, वहां पर इसके सकारात्मक प्रभाव के बारे में भी जानकारी साझा की गई। ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा आयोजित होने वाले मैपाथोन से सम्बंधित सभी जानकारियों हेतु वाट्सअप नम्बर 9962011933 भी साझा किया गया। जिसके द्वारा इच्छुक व्यक्ति, छात्र इस आयोजन से जुड़ सकेगें। 
       इस अवसर पर स्मार्ट सिटी सीईओ श्री महीप तेजस्वी ने बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी के द्वारा मैपाथोन आयोजन के पीछे उद्देश्य है कि शैक्षिक पृष्ठभूमि के छात्र जो मैप अपडेट करने में रुचि रखते हैं उन्हें मौका मिल सके, तथा उनकी प्रतिभा का उपयोग स्थानीय स्तर की सुविधाओं के बेहतर संचालन में किया जा सके। इसके अलावा स्थानीय नागरिकों तथा पर्यटकों को भी इस प्रक्रिया द्वारा संशोधित क्षेत्रीय मानचित्र का लाभ भविष्य में मिल सकेगा। साथ ही सम्बंधित विभागों को भी अपने भिन्न कार्यों  के क्रियान्वयन में भी सहयोग प्राप्त होगा।