परिवार में यदि सुख शंाति समृद्धि लाना है तो क्रोध को छोडऩा ही पड़ेगा-मुनिश्री

Nov 11 2019

ग्वालियर।  क्रोध में किया गया हर कार्य व निर्णय हमेषा तकलीफ दायक सिद्ध होता है, जो हमारें ज्ञान के धारक है, हमारें ज्ञान प्रदाता है, हमें हमेषा उनका सम्मान करना चाहिए। अहंकार आदमी का सबसे बड़ा षत्रु है। यह बात उपग्वालियर लोहमंडी जैन मदिंर में अयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान के आज आठवें दिन सोमवार को धर्मसभा में मुनिश्री संस्कार सागर महाराज ने कही। षाम को राजुल और नेमि का विवाह एवं वैराग्य का नाटक मंच किया गया।
मुनिश्री ने कहा कि क्रोध व्यक्ति के जीवन में विनाष ही लाता है। हम किसी भी देवी देवता व परमात्मा को मानें पर हर स्थिति में हमे क्रोध पर अंकुष रखना चाहिए। क्रोध विनाषक षक्ति है। परिवार में यदि सुख ष्ंााति समृद्धि लाना है तो क्रोध को छोडऩा ही पड़ेगा। यदि हमारें मन में किसी व्यक्ति विषेश के प्रति अलगाव देश है, भले ही हम वाणी के माध्यम से प्रकट न करें। हमारें अंदर चल रहें अण परमाण इसका संकेत दे देते है कि इस व्यक्ति से हमार अलगाव है। जितना हो सके प्रेम और वात्सल्य का वातावरण फैलाने का प्रयास करें। हमारें भाव व्यापार मे ऐसे हो कि हम इस व्यापार से मेरे परिवार के साथ मेरे सारे अधिनस्थों का भी पालन पोशण कर सकूं। जीवन मे अतिलोभ भी नुकसान दायक सिद्ध होता है। सभी धर्मो ने मनुश्य को सद्मार्ग बताए है। हम हमारी पीढ़ी कों संस्कारों से युक्त बनाए। प्रवचनो से पहले मुनिश्री के चरणो में मंदिर समिति के अध्यक्ष पदमचंद जैन, महामंत्री देवेद्र जैन, दिलीप जैन, नवरंग जैन, राकेष जैन, अभिलाश जैन, राहुल जैन, मनीश जैन, अमित जैन, अलोक जैन, रवि लाला जैन, राजुल जैन, प्रवक्ता सचिन जैन ने श्रीफल चढ़ाकर आषिर्वाद लिया।
मुनिश्री ने अपने मुख्यबिंद से बृहद शांतिधारा कराई
सिद्धचक्र महामंडल विधान प्रतिश्ठाचार्य पं. षषिकांत षास्त्री ने मंत्रउच्चारण से इंद्रो ने जिनेंद्रदेव का अभिषेक जयकारों के साथ किया। मुनिश्री ने अपने मुखबिंद से मंत्रो का महा उच्चारण कर बृहद शांतिधारा नीलेष मनीश जैन परिवार करने का सौभाग्य मिला। अभिशेक के उपरांत भगवान की महाआरती सामूहिक रूप से की। 
महोत्सव के आज अतिंम दिन इंद्रा-इंद्राणियो ने मिलकर 1024 अघ्र्य समर्पित किए
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया ंिक विधान में इंद्रा-इंद्राणियो ने पीले वस्त्र धारण कर सिर पर मुकुट गले में माला पहनकर भक्ति भाव के साथ पूजा आर्चन कर मैना सुंदरी सुप्रिय नीलेष जैन ने भक्तिभाव के साथ अतिंम दिन जिनेन्द्रदेव के समक्ष 1024 महाअर्घ समर्पित किए गए।
आज होगा विश्व शंान्ति महायज्ञ, निकालेगी रथयात्रा 
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि मुनिश्री के सानिध्य में प्रतिश्ठाचार्य पं. षषिकांत के मार्ग दर्षन में सिध्दचक्र महामंडल विधान महोत्सव के अतिंम दिन आज 12 नबंवर को प्रात 7:00 बजे श्रीजी के अभिशेक व पूजन प्रात 10:30 बजे से विष्व षंान्ति महायज्ञ होगा। उसके उपरांत 12 बजे से जैन मंदिर लोहा मंडी से विषाल रथयात्रा गाजे बाजे के साथ प्रारंभ होकर हजीर चैराहे से होती हुई वापस घूमकर जैन मंदिर पहुॅचेगी। यहॉ श्रीजी के अभिशेक होगे।