-सकल दिगंबर जैन समाज बृहत्तर ग्वालियर की ओर से चंपाबाग धर्मषला में मंगल प्रवचन हुए तीर व तलवार से लगा घाव तो भर जाता है लेकिन कड़वे वचन का घाव हमेष ही हरा-भरा रहता हैं-मुनिश्री मुनिश्री संस्कार सागर महाराज के सान्निध्य में चातुर्मास धर्मसभा व धार्मिक आयोजन हो रहे है

Jul 26 2019


    ग्वालियर-जीवन में तीर व तलवार का घाव तो भर जाता है, लेकिन कड़वे वचन का घाव हमेषा हरा-भरा रहता हैं। इसलिए हितकारी, मिलकारी, परिमित वचन बोले मीठा बोले। हितकारी, कल्याणकारी भाशा बोलें ताकि किसी के दिल को ठेस पहुंचे। संस्काा भाशा हम भूल जाते है लेकिन किसी कव कहे कटुवचन हम बरसों तक भुला नहीं पाते हैं इसलिए कभी भी किसी को कटू वचन नहीं बोले। यह बात मुनिश्री संस्कार सागर महाराज ने आज षुक्रवार को नई सड़क स्थित चंपाबाग धर्मशाला में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए!
   मुनिश्री ने कहाकि चातुमार्स हमें सत्य के मार्ग पर चलना सिखाता है। इसलिए सत्य के मार्ग पर चलें और किसी का दिल नहीं दुखाएं। जीवन में तपस्या का बहुत महत्व हैं। हम तपस्या कव माध्यम से सत्य के मार्ग पर चल सकते है। जीवन में तप ही सबकुछ है। भगवान महावीर स्वामी ने तप ंिकया और हमें मार्ग दिखाया। हमें उनके बताएम मार्ग पर चलना चाहिए। स्नेह के कारण भी दुख उठाने पड़ते हैं। मुनिश्री ने कहाकि स्नेह यानी प्रेम। कभी कभी दुख का कारण बन जाता है। ज्यादा राग में हम विवेक को खो देते हैं और विवेकहीन होकर सही गलत में फर्क करना भूल जाते हैं। ही। गुरु के संस्कारों और मां के संस्कारों में अंतर है। गुरु द्वेष के साथ राग को भी छुड़ाते हैं। द्वेष छोड़ना फिर भी सरल है लेकिन राग छोड़ना बहुत कठित। द्वेष को लोग पाप समझकर छोड़ देते हैं लेकिन राग को नहीं। मां के संस्कारों में राग की प्रबलता रहती है। जबकि गुरु राग द्वेष दोनों से बचने की सीख देते हैं। यद्यपि किसी से भी द्वेष रखना ज्यादा खतरनाक है फिर भी राग की अधिकता होने पर जीवन उद्देश्यहीन हो जाता है। इसलिए राग द्वेष दोनों से बचना चाहिए।
धर्मसभा का षुभारंभ दीप प्रज्वालित कर मुनिश्री को श्रीफल भेंटकर अषिर्वाद लिया
          जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन आदर्ष कलम ने बताया ंिक प्रवचनो से पहले धर्मसभा का षुभारंभ भगवान महावीर स्वामी के चित्र के समक्ष पं0 चंद्राप्रकाष जैन ने दीप प्रज्वलित किया। मंगल चरण सोनल जैन ने ंिकया। मुनिश्री के चरणो में चातुर्मास संयोजक नीरज जैन, सुनील कासलीवाल, प्रवीण गंगवाल, विकास जैन, अजय छाबड़, आंनद जैन, अजय कागदी, अरूण गोधा, सुरेंद्र पाड्या, संजय बाडजात्या, संजीव जैन, प्रवक्ता सचिन जैन एवं सामूहिक रूप महिलाओ ने श्रीफल चढा़कार आर्षिवाद लिया। मुनिश्री संस्कार सागर के नई सड़क स्थित चंपाबाग धर्मषाला में मंगल प्रवचन प्रात 8.30 से 9.30 तक होगे। इसके बाद 10 बजे से आहारचर्या, दोपहर 3.30 बजे से तत्वचर्चा एवं सॉयकाल 6.15 से आचार्य भक्ति, गुरूभक्ति एवं आरती होगी।