-वर्शायोग कलष स्थापना समारोह में डाडिया, नृत्य, श्रीफल सपर्पित, पदाप्रक्षाल, मंगल कलष स्थापना हुई चातुर्मास धर्म साधना व आचरण षुध्दि का समय है-मुनिश्री

Jul 20 2019


    ग्वालियर-वर्शायोग चातुर्मास धर्म साधना व आचरण षुध्दि का समय है। स्वंय को पाप से मुक्त करने की कल के जागरण का समय एवं संत समागम के अद्भूत क्षण का नाम वर्शायोग हैं। वर्शायोग में साधु ज्ञान, ध्यान, तपस्या करके श्रावकों को भी उस मार्ग की ओर प्रेरित करते है। चातुर्मास में गृहस्थ मनुश्यों को संतो ंके समागम का मौका मिलता है ओर वह उनके सानिध्य में बैठ कर मन की रीती हुई गागर को धर्मचरण से भरता है। जिस प्रकार वर्शाकाल में मेघ वृक्षों-भवनो को धोने का काम करते है, इसी प्रकार चौमासे में संत व साधू अपने ज्ञान की बर्शा से जन मानस के दिल दिमाग को स्वच्छ करते हैं। यह विचार मुनिश्री संस्कार सागर महाराज ने आज षनिवार को नई सडक स्थित चंपाबाग धर्मषाला में वर्शायोग कलष स्थापना समारोह में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। 
चातुर्मास कमेटी समिति ने चातुर्मास की आज्ञा ली 
 जैन समाज के प्रवक्ता सचिन आदर्ष कलम ने बताया कि कलष स्थापना कार्यकम के आरंभ में मंगलचरण कु मानवीय जैन एवं स्वागत नृत्य नेलिषा कागदी व मोनिषा कांगदी ने किया। सकल दिगंबर जैन समाज बृहत्तर ग्वालियर एवं चातुर्मास वर्शायोग समिति के श्री वीरेंद्र गंगवाल, बालचन्द्र जैन, चातुर्मास संयोजक नीरज जैन, सुनील कासलीवाल, प्रवीण गंगवाल, निर्मल पाटनी, धर्म वरैया, एवं जैन समाज की समस्त षाखाओ एवं मंदिर समिति ने मुनिश्री के चरणों में श्रीफल चरण कर चातुर्मास की आज्ञा के साथ आर्षिवाद लिया। भिंड, मुरैना झॉसी, डाबरा, षिवपुरी, दिल्ली, ललितपुर, आदि ने मुनिश्री से आर्षिवाद लिया। कार्यकम का संचालन संगीत पाड्या एवं सोनल व आभार कमेटी के संयोजक नीरज जैन ने किया।
इंहोने किया कार्यकय का षुभारंम
    कलष स्थापना षुभारंम जैन ध्वजरोहण रूपचंद्र गुणमाल गोधा ने ंिकया। भगवान महावीर स्वामी एवं आचार्य विराग सागर के चित्र का आनवरण महावीर बैनाड़ परिवार एवं दीपप्रज्जलन राजेष जैन लाला तथा मुनिश्री का पाद प्रच्छालन इंद्रसेन जैन परिवार, षास्त्र भेंट षिल्प, इंदु नीरू  एवं आरती हमजोली गुप ने मुनिश्री की उतारी। समाज की ओर से चातुर्मास की महिमा का परिचय पडित चंद्राप्रकाष जैन ने प्रस्तुत किया। तत्पचात संगीपार्टी की संगीतकार अनुपाम जैन के भक्तिमय भजनो बाहर से आये अनेको भक्तगण भक्ति मे झूमे।
मंगल यात्रा निकाली, महिलाओ ने बैड व डाडिया गेट से मुनिश्री की आगवानी 
         जैन समाज के प्रवक्ता सचिन आदर्ष कलम ने बताया कि महिलाओ ने दाना ओली चंपाबाग जैन मंदिर से मंगल कलष यात्रा गाजे बाजे के साथ निकाली। जो मुख्य मार्गो से होती हुई कार्यक्रम स्थल पहुॅची। मुनिसुव्रतनाथ महिला मंडल ने डाडियों का स्वागत गेट बनकर जयघोश बैड के साथ महिलाओ ने मुनिश्री की आगवानी की।
मुनिश्री के गृहस्थ के माता पिता का सम्मान, पूर्व केवीनेट मंत्री लिया आषिर्वाद
           कार्यक्रम में मुनिश्री के गृहस्थ जीनव के माता-पिता व बहनो एवं पूर्व केबीनेट मंत्री नारायाण सिंह कुषवाह एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री धर्मपत्नि श्रीमती रीता प्रदीप जैन आदित्य झॉसी ने मुनिश्री से आर्षिवाद लिया। सभी का सम्मान तिलक औेर साफा पहनकर आायोजन समिति ने ंि
इन्हें मिला मंगल कलष स्थापना का पुण्य
     मुनिश्री संस्कार सागर महाराज के चातुर्मास का प्रथम आचार्य विमल सागर मंगल कलष निर्मल जैन परिवार ग्वालियर को मिला। दूसरा आचार्य संमति सागर कलष राजेष जैन ग्वालियर तथा तीसरा कलष आचार्य विराग सागर कलष सुरेंद्र नीरज पाडया व चौथा कलष आजाद कुमार जैन ललितपुर ने पडित चंद्राप्रकाष जैन ने विधि विधान के साथ मंगल कलष की स्थापना की।