चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने जनसामान्य एवं डॉक्टर्स से की संयम रखने की अपील

Jun 17 2019


ग्वालियरए 17 जून । डॉक्टर्स की राष्ट्र व्यापी हड़ताल से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को हो रही परेशानी को ध्यान में रखते हुए आज चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने जनसामान्य एवं डॉक्टर्स से संयम रखने की विनम्र अपील की है ।
चेम्बर के अध्यक्ष.विजय गोयलए संयुक्त अध्यक्ष.प्रशांत गंगवालए उपाध्यक्ष.पारस जैनए मानसेवी सचिव.डॉण् प्रवीण अग्रवालए मानसेवी संयुक्त सचिव.ब्रजेश गोयल एवं कोषाध्यक्ष.वसंत अग्रवाल ने आज जनसामान्य से अपील है कि डॉक्टर्स के प्रति सकारात्मक सोच रखें । आवेश में आकर ऐसा कोई कार्य न करेंए जिससे कि डॉक्टर्स के सम्मान को ठेस पहुँचे । अक्सर देखने में आ रहा है कि इलाज के दौरान मरीज के साथ अप्रिय घटना घटित हो जाने के उपरान्त मरीज के परिजनों द्वारा डॉक्टर्स के साथ अभद्र व्यवहार एवं मारपीट की जाती है । इस प्रकार की कार्यवाही सभ्य समाज के लिए कतई उचित नहीं हैए क्योंकि डॉक्टर भी इंसान हैं और वह भगवान नहीं हैं । उनसे भी कभी गलती हो सकती हैए परन्तु किसी भी डॉक्टर्स की अपने मरीज के प्रति दुर्भावना नहीं हो सकती है । कभी.भी कोई डॉक्टर जानबूझकर अपने मरीज को हानि नहीं पहुँचाता है और न ही उसकी इस प्रकार की कोई मंशा रहती है ।
डॉक्टर्स के साथ अभद्र व्यवहार से समाज के एक बहुत बड़े पीड़ित वर्ग को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और कभी.कभी मारपीट की घटनाएँ इतना बड़ा आंदोलन का रूप ले लेती हैए जिनके कारण डॉक्टर्स द्वारा आकस्मिक सेवाएँ भी देना बंद कर दिया जाता हैए जिससे असहज स्थिति उत्पन्न हो जाती है और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है ।
इसलिए समाज के प्रत्येक वर्ग से विनम्र अपील है कि डॉक्टर्स के प्रति अपनी सोच को सकारात्मक रखें और अप्रिय परिस्थिति में धैर्य का परिचय दें ।
पदाधिकारियों ने इसके साथ हीए सभी डॉक्टर्स से भी विनम्र अपील की है कि वह अपने मरीजों के प्रति संवेदनशील हों और मरीजों व उनके अटेंडर्स से निरन्तर संवाद कायम रखेंए जिससे कभी कोई अप्रिय घटना होने पर उसे संवाद के माध्यम से हल किया जा सके और स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो । डॉक्टर्स की जिम्मेदारी उस समय और अधिक बढ़ जाती हैए जब कोई गंभीर रूप से पीड़ित मरीज को उसके परिजन अस्पताल लेकर आते हैं । उस समय स्वभाविक है कि वह अपने मरीज के त्वरित इलाज की अपेक्षा रखते हैंए ऐसी स्थिति में डॉक्टर को उनकी मनः स्थिति को समझना चाहिए और संवेदनशीलता का परिचय देते हुएए मरीज के प्रति धीर.गंभीर एवं सरल व्यवहार करना चाहिए