मीसाबंदी आंदोलन की राह लोकतंत्र सेनानी सम्मान के लिए आंदोलन करने पर मजबूर करेंगे प्रदर्शन.देंगे ’मानवता के साथ क्रूर मजाक अब बर्दाश्त के बाहर’

Mar 26 2019


        ग्वालियरए दतिया.मुरैना व भिंड में अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक सम्मान निधि का वितरण नहीं होता है तो मीसाबंदी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे तथा आंदोलन की श्रंखला में प्रदर्शन और धरना दिया जायेगाण् तदाशय का निर्णय  संगठन के राष्ट्रीय सयुंक्त सचिव व संचालन समिति के सयोंजक मदन बाथम की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में लिया गया है तथा आंदोलन की रुपरेखा को अंतिम रुप दे दिया गया हैण् उपरोक्त दिशा में वैधानिक कार्यवाही करने के लिए संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन विटवेकर को प्राधिकृत किया गया हैण्
        बैठक में बताया गया कि अनेकबार संपर्क और अनुरोध किये जाने के बाद भी ग्वालियरए दतिया और गुना जिलों  में 1 फरवरी व 1 मार्च को मिलनेवाली सम्मान राशि का वितरण नहीं हो सका हैए जबकि इन जिलों में लोकतंत्र सेनानियों का भौंतिक सत्यापन ;फिजिकल वैरीफिकेशनद्ध हुए लंबा समय गुजर चुका हैण् 2 माह से सम्मान निधि न मिलने से कई परिवारों के समक्ष दो समय के भोजन का संकट उत्पन्न हो गया हैण् मानवता के साथ क्रूर मजाक अब बर्दाश्त के बाहर हो गया हैण्अमानवीयता की 
       संगठन के राष्ट्रीय सयुंक्त सचिव व सयोंजक मदन बाथम ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा 8 फरवरी 2019 को दिये निर्णय के परिपेक्षय में सर्वानुमति से निर्णय लिया गया है कि टोकन रुप में ग्वालियर से 5ए भिंड.मुरैना से 2.2 तथा दतिया से  एक मीसाबंदी हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगेण् उक्त प्रयोजन के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन विटवेकर को प्राधिकृत किया गया हैण् भिंड अध्यक्ष नवल किशोर मिश्रा तथा एडवोकेट ज्ञानप्रकाश गर्ग उक्त कार्य में सहयोग करेंगेण्
       लोकतंत्र विजय दिवस के अवसर पर ग्वालियर अध्यक्ष गुलशन गोगियाए भिंड अध्यक्ष नवल मिश्राए दतिया अध्यक्ष एडवोकेट टी एन चतुर्वेदीए गुना अध्यक्ष के एल चौरसियाए सेवा भारती महानगर आगरा के अध्यक्ष वीरेन्द्र वाष्णेय तथा संगठन के विशेष सहयोगी शंकर इंडिया का शाल.श्रीफल से सम्मानित किया गया
       मदन बाथम ने कहा कि भिंड  व मुरैना में भौंतिक सत्यापन के बाद सम्मान निधि वितरण के संबंध में संगठन का शिष्टमंडल 1.2 दिन में चंबल संभाग के आयुक्त से भेंट करेगाण् बैठक का संचालन मोहन विटवेकरए स्वागत भाषण कार्यक्रम सयोंजक ज्ञानप्रकाश गर्ग तथा गुलशन गोगिया ने आभार व्यक्त कियाण्