माधव महाविद्यालय में कई गतिविधियों का आयोजन किया

Nov 05 2026

ग्वालियर। माधव महाविद्यालय में पाँच दिवसीय दीपोत्सव के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों के सम्मिलित दीप महोत्सव में लोकनृत्य, भजन, सुगम संगीत, रंगोली निर्माण एवं दीप सजाओं जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवकुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को दीपोत्सव के सांस्कृतिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर अपने विचारों से अवगत करवाते हुये कहा कि पाँच दिवसीय यह पर्व प्रकाश पर्व है। प्रकाश सृष्टि के प्रारंभ से ही अस्तित्व में है इसलिए हमारे जीवन में इसका महत्व अक्षुण्य है जब सूर्य और चंद्रमा का प्रकाश अपनी भूमिका निभाने में असमर्थ होता है तब मिट्टी का दीपक सूर्य और चंद्रमा का प्रतिनिधि बनकर प्रकाश करता है। दीपोत्सव में अमावस्या के दिन ‘दीपावली’ सजाने का प्रतिकात्मक अर्थ यही है। अंधकार से प्रकाश की ओर बढऩे का यह सांकेतिक त्यौहार भारतीय संस्कृति का प्राण तत्व है। उन्होंने आगे दीपोत्सव के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मिट्टी का दीप हमारे अंतरमन का प्रतीक है और उसमे जलने वाली बाती अंतरमन के भीतर होने वाले प्रकाश का प्रतीक है। दीपावली हमें बाहर एवं भीतर की स्वच्छता के लिए प्रेरित करने का त्यौहार है। 
कार्यक्रम का संयोजन व्यक्तित्व विकास, चेतना जागरूकता एवं सांस्कृतिक समिति ने किया कार्यक्रम का संचालन डॉ. रूपाली गोखले ने तथा आभार समिति की संयोजक डॉ. मंदाकिनी शर्मा ने व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्य तथा विद्यार्थीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समारोप में सभी ने सामूहिक दीप प्रज्जवल कर आने वाले दीपावली त्यौहार की शुभकामनायें प्रदान की। इस शुभ अवसर पर विद्यार्थियों को मिष्ठान तथा फुलझडिय़ाँ भेंट की गयीं।