एक मंच पर जुटे 100 डिजिटल क्रिएटर्स, 11 विभूतियों को मिला ‘चंबल रत्न सम्मान’

Nov 02 2026

ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल संभाग के इतिहास में एक नई पहल के रूप में आयोजित चंबल उत्सव 2026 भव्यता और उत्साह के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन ने ग्वालियर-चंबल की प्रतिभाओं, संस्कृति, इतिहास, विरासत और डिजिटल क्रिएटर्स को एक साझा मंच पर लाकर एक नई मिसाल पेश की। सचिन रावत की पहल पर आयोजित इस उत्सव में ग्वालियर-चंबल संभाग के लगभग 100 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स एवं डिजिटल क्रिएटर्स ने सहभागिता की। पहली बार इतने बड़े स्तर पर क्षेत्र के डिजिटल क्रिएटर्स एक मंच पर एकत्रित हुए। आयोजन का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान दिलाना, आपसी सहयोग बढ़ाना और ग्वालियर-चंबल की सकारात्मक छवि को देशभर में पहुंचाना रहा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 11 विशिष्ट विभूतियों को ‘चंबल रत्न सम्मान’ से सम्मानित करना रहा। इन सम्मानित हस्तियों के योगदान को मंच के माध्यम से हेल्प गुरु प्रमोद राजावत के द्वारा अनोखे अंदाज में वर्णित किया गया।
चंबल उत्सव में ग्वालियर-चंबल की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को भी विशेष महत्व दिया गया। ग्वालियर किला, मितावली, पड़ावली, बटेश्वर मंदिर समूह और ककनमठ जैसे ऐतिहासिक स्थलों को डिजिटल माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। आयोजक सचिन रावत ने कहा कि चंबल उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्वालियर-चंबल की प्रतिभाओं को जोडऩे और क्षेत्र की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का एक प्रयास है। इस आयोजन को मिली सहभागिता और लोगों का स्नेह आने वाले वर्षों में इसे और बड़े स्तर पर आयोजित करने की प्रेरणा देगा।
चंबल उत्सव 2026 ने यह संदेश दिया कि ग्वालियर-चंबल केवल अपने गौरवशाली इतिहास के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी नई पीढ़ी, प्रतिभाओं और रचनात्मक ऊर्जा के लिए भी पहचाना जाएगा। आयोजक मंडल ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, सम्मानित विभूतियों, प्रायोजकों, इन्फ्लुएंसर्स, मीडिया प्रतिनिधियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।