डॉ. गांगिल के नेतृत्व में एमपीपीए ने केंद्र सरकार को भेजे 10 सुझाव

Nov 02 2026

ग्वालियर। एमपी फार्मासिस्ट एसोसिएशन (एमपीपीए) क्षेत्र ने औषधियों के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित पहल का स्वागत किया है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना जीएसआर 861(ई), 28 सितंबर 2026 के माध्यम से औषधि नियम, 1945 के नियम 65 में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य अनुसूची एच, एच1 एवं एक्स में शामिल दवाओं के विज्ञापन पर नियंत्रण को मजबूत करना है।
इस विषय पर एमपीपीए के अध्यक्ष डॉ. जीतू गांगिल के नेतृत्व में एसोसिएशन ने जनहित एवं रोगी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार के समक्ष 10 महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए हैं। इनमें दवाओं के भ्रामक एवं अनावश्यक प्रचार पर प्रभावी नियंत्रण, आम नागरिकों को दवाओं के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करना, पंजीकृत फार्मासिस्टों की रोगियों को सही दवा संबंधी जानकारी देने में भूमिका को प्रोत्साहित करना, दवाओं के दुष्प्रभावों की जानकारी एवं उनकी रिपोर्टिंग को बढ़ावा देना तथा एंटीबायोटिक दवाओं के जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके साथ ही फार्मासिस्टों के लिए नियमित शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने, दवा सुरक्षा एवं रोगी परामर्श को प्रोत्साहित करने, औषधियों से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी आम जनता तक पहुंचाने, दवा कंपनियों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ सकारात्मक शैक्षणिक संवाद बढ़ाने तथा औषधि नीति एवं जनस्वास्थ्य से जुड़े विषयों में फार्मासिस्ट संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया है।
डॉ. जीतू गांगिल ने कहा कि,‘दवा सुरक्षा केवल दवाओं के प्रचार को नियंत्रित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को सही जानकारी देना, रोगियों का उचित मार्गदर्शन करना और दवाओं के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना भी उतना ही आवश्यक है। फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी सक्रिय भागीदारी से जनस्वास्थ्य को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।
एमपीपीए ग्वालियर क्षेत्र की कार्यकारिणी में वरिष्ठ महासचिव डॉ. विनय जैन, महासचिव डॉ. आलोक कुमार सोनी, कार्यक्रम सचिव डॉ. सुरेंद्र कुमार पटसारिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री कपिल गंधानी एवं डॉ. पारस शर्मा, उपाध्यक्ष श्री आनंद श्रीवास्तव एवं सुश्री रुखसार खान तथा कार्यकारिणी सदस्य श्री प्रशांत गुर्जर शामिल हैं। एसोसिएशन के संरक्षकगण में डॉ. विवेक सिंह भदौरिया, डॉ. सुबोध दुबे, डॉ. मनोज शर्मा एवं डॉ. अमित जैन शामिल हैं।
एमपीपीए ने आशा व्यक्त की है कि उसके सुझावों से दवा सुरक्षा, जन-जागरूकता एवं फार्मासिस्टों की व्यावसायिक और सामाजिक भूमिका को मजबूती मिलेगी। एसोसिएशन ने जनहित एवं सुरक्षित औषधि उपयोग के लिए रचनात्मक सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की है।