महर्षि वाल्मीकि जयंती पर किया चर्चा सत्र का आयोजन

Oct 28 2026

ग्वालियर।मध्यभारतीय हिन्दी साहित्य सभा के तत्वावधान में गत दिवस आयोजित आद्य प्रणेता ‘महर्षि वाल्मीकि’ जयंती पर उनका पुण्य स्मरण करते हुए चर्चा सत्र का आयोजन किया गया। इसी क्रम में मध्यभारतीय हिन्दी साहित्य सभा के ऐतिहासिक 125 वर्ष पूर्ण होने पर आगामी विशेष आयोजन  ‘राष्ट्रीय संगोष्ठी’ 25 दिसंबर 2026 को भव्य आयोजन किए जाने का सुनिश्चित किया गया। विभिन्न आगामी योजनाओं पर भी विशेष चर्चा की गई। इसी दौरान मध्य भारतीय हिन्दी साहित्य सभा के द्वारा ‘आत्मबोध से विश्व बोध’ पर आलेख विद्वानों से आमंत्रित किए जाने का अनुरोध किया गया। जो सभा की पत्रिका ‘इंगित’ में प्रकाशित होंगे। कार्यक्रम में मध्य भारतीय हिन्दी साहित्य सभा के सिटी सेंटर ग्वालियर स्थित नवीन भवन के निर्माण एवं विभिन्न आगामी विषयों पर चर्चा सत्र का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में आगामी कार्य योजनाओं पर विस्तृत चर्चा सभा अध्यक्ष डॉ कुमार संजीव की अध्यक्षता में मध्यभारतीय हिन्दी साहित्य सभा के 125 वर्ष पूर्ण होने पर आगामी कार्यक्रमों की योजना के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में विभिन्न साहित्यकारों एवं विद्वानों की सहभागिता के लिए आह्वान करने एवं हिंदी साहित्य सभा के द्वारा संचालित विभिन्न आयामों पर भी कार्य योजना पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर आदि कवि महर्षि ‘वाल्मीकि जयंती’ पर उनके आदर्शों एवं जीवन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए सभासदों ने अपन-अपने विचार व्यक्त किए। इसी क्रम में सभा के उपाध्यक्ष उपाध्यक्ष दिनेश पाठक, साहित्य मंत्री डॉ मंदाकिनी शर्मा, प्रचार प्रसार मंत्री राम चरण चिराड़ ’रुचिर’, सभासद डॉ ज्योत्स्ना सिंह राजावत, डॉ वंदना सेन आदि ने महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों एवं उनके द्वारा ‘रामायण’ की संस्कृत में रचना पर एवं उनकी भावनात्मक कृति ‘क्रोंच बध’ के संदर्भ में चर्चा करते हुए उनके जीवन मूल्यों को आत्मसात करने की बात कही। इस अवसर पर सचिव उपेंद्र कस्तूरे, डॉ करुणा सक्सेना, मुकुंद पराडक़र, डॉक्टर लोकेश तिवारी, डॉ अंकित अग्रवाल सहित अन्य सभासद उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार प्रदर्शन डॉक्टर लोकेश तिवारी पुस्तकालय मंत्री द्वारा किया गया।