एचडीएफसी बैंक ने इलेक्ट्रिक गाडिय़ों के लिए इलेक्ट्रिक कार लोन प्रोडक्ट लॉन्च किया

Oct 26 2026

ग्वालियर। एचडीएफसी बैंक ने अपनी तरह का पहला फ्लेक्सी इलेक्ट्रिक कार लोन लॉन्च किया है। यह इलेक्ट्रिक गाडिय़ों (ईवी) की खरीद को फाइनेंस करने के लिए एक नया ऑटो लोन प्रोडक्ट है। फ्लेक्सी इलेक्ट्रिक कार लोन, ईवी गाड़ी की बॉडी और बैटरी के लिए अलग-अलग लोन देगा। बैटरी लोन को लंबे समय में चुकाया जा सकता है। इससे ईएमआई आउटफ्लो को कस्टमाइज़ करने की फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी। यह लोन अब देश भर में बैंक की 9700 से ज़्यादा ब्रांच में लाइव है। ईवीज का मौजूदा कॉस्ट स्ट्रक्चर, इंटरनल कम्बशन इंजन (आईसीई) गाडिय़ों की तुलना में गाडिय़ों को खरीदने की कॉस्ट को ज़्यादा बनाता है, क्योंकि बैटरी इलेक्ट्रिक गाड़ी का सबसे महंगा हिस्सा होती है। बैटरी के लिए ईएमआई का हिस्सा आईसीई गाड़ी की रनिंग कॉस्ट के बराबर होगा। यह तरीका बदलते बैटरी सब्सक्रिप्शन मॉडल से भी मेल खाता है, जो ईवी ओनरशिप को ज़्यादा आसान और कॉस्ट-इफेक्टिव बना रहे हैं।
 एचडीएफसी बैंक के अरविंद वोहरा ने नए ऑ$फर के लॉन्च पर कहा कि ‘भारत में ईवी क्रांति तेज़ी से बढ़ रही है, जिसे सरकारी इंसेंटिव, बेहतर टेक्नोलॉजिकल माहौल और सही पॉलिसी का सपोर्ट मिल रहा है। एचडीएफसी बैंक का फ्लेक्सी इलेक्ट्रिक कार लोन उस दिशा में एक और कदम है क्योंकि भारत ईवी क्रांति को अपनाने के लिए तैयार है। इसके अलावा, हमारा मानना है कि फ्लेक्सी इलेक्ट्रिक कार लोन ईवी ओनरशिप को एक कॉस्ट-इफेक्टिव, आसान और बिना परेशानी वाला स$फर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
हाल की रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में ईवी अपनाने में तेज़ी से बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। ईवी सेगमेंट में पैसेंजर कारों का हिस्सा 2030 तक अभी के 7 प्रतिशत से बढक़र 15-20 प्रतिशत होने की उम्मीद है, जिससे भारत पैसेंजर ईवी के लिए खास मार्केट में से एक बन जाएगा। इसके अलावा, 2030 तक 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए सरकार के मिशन से देश में ईवी अपनाने को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, साथ ही बेहतर बैटरी टेक्नोलॉजी और ओईएम द्वारा प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में बढ़ोतरी भी होगी।