घाटीगांव में नव भारत साक्षरता अभियान के तहत परीक्षा आयोजित

Oct 24 2026

भितरवार/घाटीगांव। नव भारत साक्षरता अभियान के अंतर्गत उल्लास कार्यक्रम के तहत शनिवार को घाटीगांव विकासखंड में साक्षरता परीक्षा का आयोजन किया गया। बनाए गए 298 परीक्षा केंद्रों में 18,012 नव साक्षर परीक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी शैक्षणिक क्षमता का प्रदर्शन किया।
बीआरसीसी शशिभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि नव भारत साक्षरता अभियान का मुख्य उद्देश्य निरक्षर व्यक्तियों को पढऩे-लिखने के साथ-साथ बुनियादी गणित और डिजिटल साक्षरता का ज्ञान प्रदान करना है, ताकि वे दैनिक जीवन में आत्मनिर्भर बन सकें। इसी उद्देश्य से उल्लास कार्यक्रम के तहत नव साक्षरों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। परीक्षा के सुचारु एवं सफल संचालन के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर शिक्षकों और स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई गई थी। अधिकारियों की निगरानी में सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा में बड़ी संख्या में नव साक्षरों की सहभागिता ने शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाया। वहीं उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से ऐसे लोगों को शिक्षा से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है, जो विभिन्न कारणों से अपने जीवन में पहले औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके। नव भारत साक्षरता अभियान न केवल लोगों को पढऩा-लिखना सिखा रहा है, बल्कि उन्हें गणितीय समझ और डिजिटल जानकारी के माध्यम से अधिक सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 
अधिकारियों ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण 
परीक्षा के दौरान विकासखंड सह समन्वयक रामचंद्र चिरगैंया सहित विभिन्न जन शिक्षा केंद्रों के संकुल सह समन्वयकों एवं अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियोंने परीक्षार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया। निरीक्षण के दौरान गिरीश कुमार प्रधान, सुरेंद्र गौतम, कमल सिंह बघेल, मनोज कुमार पांडे, सुल्तान सिंह धाकड़, चंद्रशेखर श्रीवास, संजीव चतुर्वेदी, श्रीमती मथुरा रावत, मनोज कुमार, आकाश गोले, देवेंद्र कुशवाहा एवं विशाल सिंह आदिवासी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने नव भारत साक्षरता अभियान को समाज में शिक्षा का प्रसार करने और निरक्षरता दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से लोगों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ती है। तथा वे अपने अधिकारों एवं दायित्वों को बेहतर ढंग से समझने में सक्षम बनते हैं।