रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए नवाचारों और एमएसएमई में मजबूत तालमेल जरूरी
Oct 24 2026
ग्वालियर। देश में रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए रक्षा नवाचारों के साथ स्थानीय एमएसएमई के बीच मजबूत तालमेल जरूरी है। यह बात पीएचडी चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा आयोजित एमएसएमई डिफेंस कॉन्क्लैव में शामिल विशेषज्ञों ने कही। कॉन्क्लैव विषय युद्ध क्षेत्र के लिए लैब था। कार्यक्रम के एसोसिएट पार्टनर ग्वालियर मैनेजमेंट एसोसिएशन एवं एमएसएमई काउंसिल कमेटी थे।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथिगणों के सम्मान में स्वागत उद्बोधन जीएमए ग्वालियर के अध्यक्ष व मप्र चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री के अध्यक्ष-डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने कहाकि भारत सरकार की जो आत्म निर्भर भारत की जो सोच है । इसी के तहत आज का यह एमएसएमई डिफेंस का आयोजन किया जा रहा है’। हमारे 1. देश के कुल बजट का 17 प्रतिशत हिस्सा रक्षा बजट के लिए है, जो कि हमारी जीडीपी का 2 प्रतिशत हिस्सा है। इतने बड़े बजट का उपयोग यदि हम अपने देश के अंदर रक्षा उत्पादों में लगने वाली वस्तुओं के निर्माण में खर्च करेंगे, तो हमारे देश में आर्थिक सम्पन्नता भी आएगी।
कार्यक्रम में रक्षा उत्पादन विभाग के उप महानिदेशक विनोद कुमार, संयुक्त निदेशक पीएस उन्नीराज, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम की कार्यकारी संचालक अनीषा श्रीवास्तव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के सहयोगी निदेशक डॉ. विकास बी. धाकरे और जबलपुर वाहन निर्माणी के महाप्रबंधक केआर मीना सहित अनेक विशेषज्ञ मौजूद रहे।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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