विशाल शस्त्र पूजन में क्षत्रिय परंपरा और शौर्य का दिखा अद्भुत संगम

Oct 22 2026

ग्वालियर। वीरता, शौर्य, साहस और गौरवशाली क्षत्रिय परंपरा को जीवंत करने के उद्देश्य से ग्वालियर में विशाल शस्त्र पूजन एवं शस्त्र श्रृंखला का आयोजन किया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय हिंदू एकता संगठन भारत एवं श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा अखंड भारत के तत्वावधान में संपन्न हुआ। आयोजन में हजारों शस्त्रों की श्रृंखला के माध्यम से भारतीय संस्कृति, परंपरा और क्षत्रिय समाज के गौरवशाली इतिहास का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम में संत कृपाल सिंह महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके सानिध्य एवं गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की महत्ता को और बढ़ाया। इस अवसर पर शस्त्र पूजन के माध्यम से सनातन संस्कृति के प्रति आस्था, राष्ट्र के प्रति समर्पण तथा वीर योद्धाओं की गौरवशाली विरासत को स्मरण किया गया।
शस्त्र पूजन भारतीय संस्कृति की प्राचीन परंपरा का प्रतीक है। शस्त्र केवल शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि धर्म, न्याय, आत्मरक्षा और राष्ट्र की सुरक्षा के संकल्प का भी परिचायक हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत, क्षत्रिय शौर्य और ऐतिहासिक परंपराओं से जोडऩा तथा समाज में एकता, संगठन और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना रहा।
ग्वालियर की वीरभूमि पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने क्षत्रिय परंपरा के गौरव को पुन: स्मरण कराया। हजारों शस्त्रों की श्रृंखला ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया और भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा के प्रति जनमानस की आस्था को प्रदर्शित किया। यह आयोजन केवल शस्त्र पूजन तक सीमित नहीं, बल्कि अपनी गौरवशाली विरासत के संरक्षण, सामाजिक एकता और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध का संदेश देने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन रहा। शौर्य हमारी पहचान, संस्कृति हमारा गौरव और राष्ट्रसेवा हमारा संकल्प।