एचडीएफसी बैंक ने मप्र ट्रेजरी और अकाउंट्स पोर्टल के साथ इंटीग्रेट किया

Oct 21 2026

ग्वालियर। एचडीएफसी बैंक ने आज मध्य प्रदेश के ‘डायरेक्टोरेट ऑफ ट्रेजरीज़ एंड अकाउंट्स’ (कोषागार एवं लेखा निदेशालय) पोर्टल के साथ अपने सफल एकीकरण (इंटीग्रेशन) की घोषणा की। इस एकीकरण से एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों—चाहे वे व्यक्ति हों या व्यवसाय—को नेटबैंकिंग के ज़रिए राज्य करों (स्टेट टैक्सेस) का भुगतान आसानी से करने की सुविधा मिलेगी। इससे किसी बाहरी पेमेंट गेटवे या अन्य मैन्युअल प्रक्रियाओं की आवश्यकता नहीं रहेगी।
बैक-एंड पर, यह सुविधा एचडीएफसी बैंक ‘कलेक्टनाउ’ द्वारा संचालित होगी। यह एक ओमनीचैनल कलेक्शन सॉल्यूशन है, जो ऑनलाइन पेमेंट को आसानी से इंटीग्रेट कर देता है। इस इंटीग्रेशन के ज़रिए, ग्राहक स्टेट एक्साइज ड्यूटी, कमर्शियल टैक्स, स्टाम्प ड्यूटी और वैट जैसे टैक्स का रियल-टाइम पेमेंट कर सकेंगे। टैक्स का भुगतान करने के बाद, ग्राहक तुरंत अपने पेमेंट का मिलान कर सकेंगे। यह सुविधा बैंक के सेविंग्स और करंट अकाउंट होल्डर्स के लिए उपलब्ध है, जिसका लाभ व्यक्ति और बिज़नेस, दोनों उठा सकते हैं।
टैक्स का भुगतान शुरू करने के लिए, रजिस्टर्ड ग्राहकों को बस मध्य प्रदेश के ‘डायरेक्टोरेट ऑफ ट्रेजरीज़ एंड अकाउंट्स’के पोर्टल पर जाना होगा और अधिकृत बैंकों की सूची में से पेमेंट बैंक के रूप में ‘एचडीएफसी  बैंक’ को चुनना होगा। सभी विवरण भरने और सत्यापित (वेरीफाई) हो जाने के बाद, ग्राहक अपने क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके ट्रांजेक्शन को ऑथेंटिकेट कर सकते हैं।
एचडीएफसी बैंक की सुश्री सुनाली रोहरा ने कहा, ‘हम अपने ग्राहकों के लिए रोज़मर्रा की बैंकिंग को आसान बनाने पर ध्यान दे रहे हैं। ‘कलेक्टनाउ’ हमारे मुख्य उत्पादों में से एक है, जो एमएसएमई और व्यवसायों को उनके भुगतान से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने में मदद करता है। एचडीएफसी बैंक के प्रतीक शर्मा ने कहा, ‘मध्य प्रदेश हमारे लिए एक महत्वपूर्ण बाज़ार है।   बैंक ने टैक्स कलेक्शन में अपनी मजबूत गति बनाए रखी है। वित्त वर्ष 2026 में 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन हुआ है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।