सैद्धांतिक व गणितीय पद्धति पर आधारित होता है संगीत: कुलगुरु

Sep 30 2026

ग्वालियर। राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय एवं प्रयास शिक्षा, साहित्य,कला व संगीत पीठ समिति ग्वालियर के संयुक्त तत्वाधान में ‘संगीत शिक्षा की विविध पद्धतियां‘ पुस्तक का विमोचन हुआ। उक्त पुस्तक पं. ना.द. कशालकर की मराठी पुस्तक का हिंदी अनुवाद है, जिसे डॉ शैलेंद्र मोहिते व पूर्णिमा द्वारा अनुवादित किया गया है। विमोचन अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, विशिष्ट अतिथि प्रो राजेंद्र वैद्य रहे। अध्यक्षता कुलगुरु प्रो स्मिता सहस्त्रबुद्धे ने की। 
विवि के कुलसचिव डॉ आशुतोष खरे सहित डॉ मनीष करवड़े, प्रयास संस्था के प्रो नीरज कुमार झा, संदीप गुप्ता,बृजेश सिंह, डॉ साधना देशमुख मोहिते, डॉ विजय पांडेय, मनोज देवकर आदि मौजूद रहे।
पुस्तक की समीक्षा करते हुए कुलगुरु प्रो स्मिता सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि संगीत बहुत विस्तृत और गहन विषय है जो सैद्धांतिक व गणितीय पद्धति पर आधारित होता है। संगीत शिक्षण में आज भी गुरुकुल पद्धति का बड़ा महत्व है। अधिकतर विद्यालयों व महा विद्यालयों में गांधर्व शिक्षा से ही अध्यापन किया जाता है। उन्होंने कहा कि श्री कशालकर की पुस्तक में अध्याय के हिसाब से सभी बिन्दुओं को अलग अलग बताया गया है।
छात्रों के लिए उपयोगी साबित होगी पुस्तक
विवेक नारायण शेजवलकर ने पुस्तक के हिंदी अनुवाद को छात्रों व शोधार्थियों के लिए काफी उपयोगी बताया। प्रो राजेंद्र वैद्य ने भी संगीत शिक्षा की विविध पद्धतियों को शोध के लिए उपयोगी बताया।  डॉ शैलेन्द्र मोहिते ने कहा कि उक्त पुस्तक में शिक्षा का हमारे जीवन में प्रयोजन और संगीत का जीवन में स्थान, इन विषयों के बारे विस्तार से दिया गया है।