महिला शक्ति को स्वावलंबन से लेकर राष्ट्र निर्माण तक मिले नई दिशा : नैना सहस्त्रबुद्धे

Sep 27 2026

ग्वालियर। तराणेकर सभागार राष्ट्रोत्थान न्यास भवन संघ कार्यालय नई सडक़ में आयोजित भारतीय स्त्रीशक्ति विभाग के सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, संस्कार, डिजिटल साक्षरता और सामाजिक चेतना जैसे विषयों पर विस्तार से मंथन हुआ। विभिन्न सत्रों में वक्ताओं ने महिलाओं की समस्याओं को समझकर उनके समाधान की दिशा में प्रभावी प्रयास करने तथा समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महिला शक्ति की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
महिलाओं की समस्याओं को समझकर समाधान की दिशा में करें काम : किरण शर्मा
सम्मेलन के प्रथम सत्र में संगठन की राष्ट्रीय सचिव किरण शर्मा ने महिला प्रश्नों एवं उनके समाधान पर विचार रखते हुए कहा कि महिलाओं की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए प्रभावी ढंग से कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने नशामुक्ति, शिक्षा, युवतियों एवं किशोरियों से जुड़े विषयों तथा महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के लिए कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता के साथ काम करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जाने चाहिए।
महिला शक्ति को स्वावलंबन से लेकर राष्ट्र निर्माण तक मिले नई दिशा : नैना सहस्त्रबुद्धे
द्वितीय सत्र में अंतर्राष्ट्रीय महिला प्रमुख श्रीमती नैना सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का आधार शिक्षा, समानता, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और संस्कार हैं। महिलाओं में राष्ट्रभाव जागृत करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में कार्य करना होगा। एक महिला का सशक्तिकरण केवल उसके व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह परिवार, समाज और अन्य महिलाओं को भी आगे बढऩे के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने महिलाओं में सशक्तिकरण का भाव जागृत कर उन्हें आगे बढ़ाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की भूमिका निभाने का आह्वान किया।
 महिलाएं सशक्त होंगी तो समाज और राष्ट्र होगा मजबूत : चंदना दास 
तीसरे सत्र में अखिल भारतीय स्त्रीशक्ति की मंत्री श्रीमती चंदना दास ने संगठन के विकास के लिए निरंतर और निष्ठापूर्वक कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने महिलाओं के लिए डिजिटल साक्षरता को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि बदलते दौर के साथ महिलाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना भी सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने संगठन के कार्यों को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने के लिए टीम भावना के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
समापन सत्र में समाज सुधार एवं चेतना जागरण पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन के लिए टीम भावना, लक्ष्य के प्रति स्पष्टता और समय का सदुपयोग जरूरी है। कार्यकर्ताओं से अपने लक्ष्य के लिए समय का संकल्प लेकर निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती अलका शुक्ला ने किया। अतिथियों का परिचय जिलाध्यक्ष श्रीमती सुमन मिश्रा ने दिया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती ममता कुशवाह ने किया तथा आभार श्रीमती रानी मिश्रा ने व्यक्त किया। इस अवसर पर श्रीमती सुषमा अग्रवाल, श्रीमती मीना शर्मा, श्रीमती अरुणा गंगाजलीवाले, कु. रुपम चौधरी, श्रीमती अलका शर्मा, श्रीमती सुधा वर्मा, श्रीमती शालिनी लालचंदानी, श्रीमती उषा सिकरवार, श्रीमती सुमन वर्मा, श्रीमती गीता कुशवाह, श्रीमती रजनी अग्रवाल, श्रीमती व्यंजना मिश्रा, श्रीमती विमला मिश्रा, श्रीमती गुंजन, श्रीमती नीलम दीक्षित, श्रीमती रजनी बडनेरकर, श्रीमती मानसी श्योपुरकर, सुश्री वंदना जोशी सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।