डॉ. अग्रवाल ने 3 साल की बच्ची के फूड पाइप में फंसी, एंडोस्कोपी से निकाली

Sep 25 2026

ग्वालियर। सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों की सूझबूझ और 45 मिनट की कड़ी मशक्कत ने 3 साल की मासूम को नई जिंदगी दे दी। शिवपुरी निवासी 3 वर्षीय बच्ची निवेशा ने हेयर पिन निगल ली थी। डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी की आधुनिक तकनीक से बिना चीरा लगाए इस टूटी हेयर पिन को बाहर निकाल लिया। इससे मासूम बच्ची का पेट कटने और ए जटिल ऑपरेशन का खतरा टल गया। एक्स-रे में नुकीली हेयर पिन खाने की नली (फूड पाइप) में फंसी होने पर शिवपुरी से मरीज को ग्वालियर रैफर किया था।
जेएएच के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. अंकित अग्रवाल ने स्थिति को भांपते हुए बिना समय गंवाए प्रोसीजर की तैयारी की। एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. कौशल जेठानी, डॉ. मनमोहन जिंदल और ओटी स्टाफ की मदद से बच्ची को बेहोश कर एंडोस्कोपी प्रक्रिया शुरू की गई। करीब 45 मिनट के प्रयास के बाद डॉक्टरों ने एंडोस्कोपिक उपकरणों के सहारे उस टूटी हुई पिन को सावधानी से बाहर खींच लिया।
टूटी पिन निकालना था सबसे बड़ा चैलेंज : डॉ. अग्रवाल
पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. अंकित अग्रवाल ने बताया कि हेयर पिन बीच से टूटी होने से उसके दोनों सिरे नुकीले थे। जरा सी चूक होने पर बच्ची की खाने की नली कट सकती थी, जिससे इंटरनल ब्लीडिंग का खतरा था। यदि एंडोस्कोपी सफल नहीं होती, तो हमें सर्जरी करना पड़ती। टीम के तालमेल से बिना चीर-फाड़ पिन बाहर आ गई। बच्ची पूरी तरह ठीक है। शुक्रवार को उसे डिस्चार्ज किया दिया जाएगा।