बंदी छोड़ दिवस को समर्पित प्रथम शब्द चौकी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ संपन्न

Sep 22 2026

ग्वालियर। बंदी छोड़ दिवस को समर्पित गुरुद्वारा दाता बंदी छोड़ किला साहिब में आयोजित होने वाले वार्षिक समागमों की तैयारियां पूरे उत्साह के साथ शुरू हो गई हैं। इसी श्रृंखला के अंतर्गत बुटीकुइयां, भिंड क्षेत्र की संगत द्वारा प्रथम शब्द चौकी श्रद्धा एवं धार्मिक भावना के साथ निकाली गई।
शब्द चौकी प्रात: 4 बजे बुटीकुइयां से प्रारंभ हुई। संगत द्वारा गुरबाणी शब्दों का गायन करते हुए विभिन्न क्षेत्रों से होकर यह शब्द चौकी गुरुद्वारा दाता बंदी छोड़ किला साहिब पहुंची, जहां गुरबाणी कीर्तन एवं अरदास के उपरांत शब्द चौकी का समापन हुआ। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर संगत द्वारा शब्द चौकी का श्रद्धापूर्वक स्वागत किया गया।
गुरुद्वारा दाता बंदी छोड़ किला साहिब छठे पातशाह गुरु हरगोबिंद साहिब जी से जुड़ा पावन ऐतिहासिक स्थान है। इतिहास के अनुसार गुरु साहिब जी ने ग्वालियर के किले में बंदी बनाए गए 52 राजाओं को अपनी रिहाई के साथ स्वतंत्र करवाया था। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में बंदी छोड़ दिवस मनाया जाता है और यह पावन स्थान सिख संगत के लिए विशेष श्रद्धा का केंद्र है।
बंदी छोड़ दिवस को समर्पित धार्मिक समागमों की यह श्रृंखला आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी। विभिन्न क्षेत्रों की संगतों द्वारा श्रद्धापूर्वक शब्द चौकियां निकाली जाएंगी तथा गुरबाणी कीर्तन के माध्यम से संगत को गुरु चरणों से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही आगामी दिनों में नगर कीर्तन भी सजाए जाएंगे, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों की संगत बड़ी संख्या में शामिल होगी।
समूह प्रबंधकों द्वारा संगत से अपील की गई कि बंदी छोड़ दिवस को समर्पित इन धार्मिक समागमों में परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर गुरु घर की खुशियां प्राप्त करें।