मप्र सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 600 रुपये के लिए निराश्रितों को तरसा रही:जौहरी

Sep 21 2026

ग्वालियर। मप्र में एक ओर दिव्यांग, वृद्ध, विधवा एवं परित्यागता निराश्रित ऐसी भस्मासुर की तरह मूंह फाड़े महंगाई के चलते मात्र 600 रुपये अपनी सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि करने के लिए दिव्यांग जन विगत कईं बरसों से कितने ही धरने आन्दोलन कर ते चले आ रहे है। बदले में सरकार क्या दे रही हे लाठी डंडे एवं गिरफ्तारी। वहीं दूसरी ओर राजनेताओं में जैसे पूर्व विधायकों, पूर्व मुख्यमंत्रीओं, पूर्व सांसदों, पूर्व स्पीकरों को तीन-तीन पेंशन के अलावा अन्य सुविधाएं भी समय पर दी जा रही है। इससे भी गंभीर बात क्या हो सकती हे कि वोट बेंक की खातिर लाडली बहिनों को हर माह सही समय पर 1500 रुपये ये सरकार दे रही है।
इससे भी बड़ी विडंबना ओर क्या हो सकती है कि हर माह निराश्रितों को मात्र 600 रुपये भी सही समय पर न देते हुए माह के अंतिम सप्ताह तक तरसा कर दे रही है। यही हे इस सरकार का खोखला सबका साथ सबका विकास। ओर मजबूर असहाय दिव्यांग, वृद्ध, विधवा एवं परित्यागता निराश्रितों के साथ कर रही सोतेला व्यवहार। 
न्यायालय के आदेश की भी परवाह नहीं
मप्र कांग्रेस कमेटी ई के प्रदेश महासचिव एवं वरिष्ठ समाजसेवी व आरटीआई ऐक्टिविस्ट अनूप जौहरी ने कहा कि इस सरकार को इंदौर उच्चतम न्यायालय के उक्त आदेश की भी परवाह नहीं जिसमें इंदौर हाईकोर्ट की डबल बेंच, मप्र सरकार को आदेश दे चुकी हे कि लाडली बहिनों को सरकार 1500 रुपये हर माह दे रही है उससे पच्चीस प्रतिशत बढ़ाकर दिव्यांग जनों को 1762 रुपये दिय जाने के आदेश के अलावा यह भी आदेश दिया था कि जब-जब सरकार लाडली बहिनों को सहायता राशी में वृद्धि करेगी तब तब दिव्यांग जनों की पेंशन में 25/प्रतिशत बढ़ाकर देना होगा। जौहरी ने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि दिव्यांग जनों को जन आन्दोलन करने के लिए वाद्य न करें।