अधीक्षक ने वार्ड का किया निरीक्षण, मरीजों से सीधे बात कर साफ-सफाई और सुविधाओं का लिया फीडबैक

Sep 20 2026

ग्वालियर। जयारोग्य अस्पताल में डायलिसिस करा रहे मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना ने डायलिसिस वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वार्ड में मौजूद मरीजों से सीधे बातचीत की और डायलिसिस के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही, इसकी जानकारी ली। अधीक्षक ने मरीजों से डायलिसिस की व्यवस्था, स्टाफ के व्यवहार, वार्ड की साफ-सफाई और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी फीडबैक लिया। मरीजों ने वार्ड की व्यवस्थाओं और साफ-सफाई को संतोषजनक बताया।
रोजाना 8 से 10 मरीजों का डायलिसिस
निरीक्षण के दौरान डॉ. सुधीर सक्सेना ने बताया कि जयारोग्य अस्पताल स्थित डायलिसिस वार्ड में प्रतिदिन लगभग 8 से 10 मरीजों का डायलिसिस किया जाता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में मरीजों को डायलिसिस की सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। यहां सिर्फ ग्वालियर ही नहीं आसपास के जिलों व प्रदेशों से भी मरीज आते हैं। निरीक्षण के दौरान ललितपुर,छतरपुर आदि जिलों के मरीजों से व्यवस्था की जानकारी ली। जिसमें मरीजों ने संतोष जताया।
अस्पताल अधीक्षक ने निरीक्षण के दौरान केवल व्यवस्थाओं का जायजा ही नहीं लिया, बल्कि मरीजों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और अनुभवों को भी जाना। उन्होंने संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने और मरीजों को उपचार के दौरान सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। जयारोग्य अस्पताल में डायलिसिस की निशुल्क सुविधा उपलब्ध होने से ऐसे मरीजों को राहत मिल रही है, जिन्हें नियमित रूप से डायलिसिस की आवश्यकता होती है।
न्यू जयारोग्य अस्पताल में सबसे पहले डायलिसिस वार्ड आया था
पुराने जयारोग्य अस्पताल के आईसीयू से सबसे पहले डायलिसिस वार्ड न्यू जयारोग्य अस्पताल भवन में आया था। और मरीजों की निशुल्क डायलिसिस शुरू हो गई थी। डायलिसिस वार्ड में कुल 6 पलंग हैं। यहां रोज लगभग 8 से 10 मरीजों का डायलिसिस होता है। जयारोग्य अस्पताल अधीक्षक डॉ सुधीर सक्सेना ने बताया कि किडनी खराब होने के कुल मामलों में 15 से 20 प्रतिशत मामले युवाओं के हैं। युवाओं में किडनी खराब होने के प्रमुख कारण ये हैं। डायबिटीज, हाइपर टेंशन, लगातार बढ़ा हुआ बीपी के साथ कुछ लोग डॉक्टर की सलाह के बिना ही ज्यादा दर्द निवारक दवाओं का सेवन करते हैं ये भी किडनी खराब होने का एक प्रमुख कारण है।