ग्वालियर स्मार्ट सिटी के इंडस्ट्रियल म्यूजियम में आम नागरिक भी दे सकेंगे योगदान

Sep 19 2026

ग्वालियर। ग्वालियर स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन द्वारा ऐतिहासिक महाराज बाड़ा पर तैयार किए गए नवनिर्मित औद्योगिक संग्रहालय को और अधिक समृद्ध व ज्ञानवर्धक बनाने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की गई है। इस पहल के तहत संग्रहालय में अब शहर और अंचल के आम नागरिकों के पास सुरक्षित ऐतिहासिक व औद्योगिक महत्व की पुरानी वस्तुओं को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।
ज्ञात हो कि स्मार्ट सिटी द्वारा तैयार इस नवनिर्मित इंडस्ट्रियल म्यूजियम में ग्वालियर-चंबल संभाग की पुरानी व ऐतिहासिक औद्योगिक इकाइयों की गौरवशाली विकास यात्रा को अलग-अलग आधुनिक दीर्घाओं के माध्यम से अत्यंत सुंदरता और प्रामाणिकता के साथ दर्शाया गया है। म्यूजियम की विभिन्न गैलरियों में ऐतिहासिक शासकीय मुद्रणालय की प्राचीन तकनीक व मशीनें, ग्वालियर की पहचान रहे कपड़ा उद्योग की समृद्ध परंपरा, पारंपरिक शिल्प उद्योग, धातु व प्रस्तर कला तथा चमड़ा उद्योग व इंजीनियरिंग सहित अंचल के अन्य प्रमुख उद्योगों के इतिहास और उनके योगदान को बेहद आकर्षक ढंग से संयोजित किया गया है। अब इस म्यूजियम को और अधिक जीवंत व समृद्ध बनाने के उद्देश्य से जनभागीदारी के जरिए औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजा जाएगा।
ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ टी. प्रतीक राव ने बताया कि इंडस्ट्रियल म्यूजियम के विस्तार और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। शहर व अंचल का कोई भी आम नागरिक, जिसके पास पुराने उद्योगों, कल-कारखानों, पारंपरिक शिल्पकला या तकनीक से जुड़ी ऐतिहासिक वस्तुएं, प्राचीन मशीनरी, औजार, पुर्जे अथवा दस्तावेज मौजूद हैं और वह उन्हें स्वेच्छा से म्यूजियम को सौंपना चाहता है, तो उसका स्वागत है। नागरिकों द्वारा दी गई इन अमूल्य वस्तुओं को म्यूजियम की उपयुक्त दीर्घाओं में यथोचित स्थान देकर प्रदर्शित किया जाएगा। सीईओ श्री राव ने बताया कि कई नागरिकों और परिवारों के पास अंचल के औद्योगिक इतिहास से जुड़ी दुर्लभ व प्राचीन वस्तुएं धरोहर के रूप में रखी हुई हैं। इस पहल के माध्यम से आम लोगों के पास मौजूद इन एंटीक वस्तुओं का विशेषज्ञों की देखरेख में वैज्ञानिक पद्धति से उचित संरक्षण सुनिश्चित हो सकेगा, वहीं दूसरी ओर संग्रहालय की उपयोगिता और अध्ययन का दायरा भी व्यापक होगा, जिससे नई पीढ़ी और शोधार्थियों को ग्वालियर के समृद्ध औद्योगिक विकास और विकास यात्रा को करीब से जानने-समझने का बेहतर अवसर मिलेगा।
सीईओ श्री राव ने बताया कि जो भी नागरिक इस पहल के तहत अपनी ऐतिहासिक व औद्योगिक धरोहरों को स्वेच्छा से संग्रहालय को सौंपना चाहते हैं, वे गूगल फॉर्म लिंक पर क्लिक करके संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा म्यूजियम के प्रभारी नागेंद्र सक्सेना मोबाइल नंबर: 9644408111 से संपर्क किया जा सकता है।