56 कली का लहंगा पहन कृष्ण बने राधा, पालकी में सवार होकर निकलीं राधारानी

Sep 19 2026

ग्वालियर। सनातन धर्म मंदिर पर राधाष्टमी धूमधाम से मनाई जा रही है। राधारानी के जन्मदिन पर भगवान श्रीकृष्ण ने राधारानी का स्वरूप धारण करने के लिए 56 कली का लहंगा धारण किया। वहीं बरसाना बने सनातन धर्म मंदिर में सुबह 5 बजे राधारानी का जन्म हुआ। इसके बाद सुबह 9 बजे राधा रानी की पालकी निकाली गई। पालकी में सवार राधा रानी (लाली) की भक्तों ने आरती उतारी और उन पर पुष्पवर्षा कर बलईयां लीं।
महोत्सव का शुभारंभ तडक़े 5 बजे मंगला आरती, दधिकांदा उत्सव और बधाई गान के साथ हुआ। राधारानी के जन्म की घोषणा होते ही मंदिर परिसर राधे-राधे के जयकारों और पुष्प वर्षा से गूंज उठा। इसके बाद सुबह 9 बजे मंदिर प्रांगण से एक भव्य पालकी शोभायात्रा निकाली गई। सुसज्जित पालकी में विराजमान राधारानी के दर्शनों के लिए शहर के प्रमुख मार्गों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। शोभायात्रा दाल बाजार, नया बाजार, दौलतगंज, महाराज बाड़ा, सराफा बाजार, गिर्राजजी मंदिर और जयेंद्रगंज चौराहे से होती हुई वापस सनातन धर्म मंदिर पहुंची। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पलक-पावड़े बिछाकर पालकी का स्वागत किया और पुष्प वर्षा की।
दिव्य शृंगार और महाप्रसाद वितरण
दोपहर में मंदिर के मुख्य गर्भगृह में राधारानी का अलौकिक एवं मनमोहक शृंगार किया गया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। इस अवसर पर विशेष भोग लगाया गया और भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण हुआ। वहीं संध्या काल में मंदिर के सभागार में भव्य भजन संध्या आयोजित की गई। ब्रज रस रसिकों एवं भजन गायकों ने वृंदावन का कण-कण बोले राधा-राधा और राधे अलबेली सरकार जैसे भक्ति गीतों की संगीतमय प्रस्तुतियां दीं गई।