कलेक्टर की 3500 की मदद भी नहीं आई काम, अधिकारियों पर धमकाने का आरोप

Sep 12 2026

ग्वालियर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को जिला न्यायालय परिसर, कुटुंब न्यायालय सहित डबरा और भितरवार तहसील में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रचार वाहनों और लाउडस्पीकरों के जरिए लोक अदालत में मुकदमों के त्वरित, सुलभ और आपसी सहमति से निराकरण की जानकारी दी जा रही थी। इसी दौरान मध्य प्रदेश क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (बिजली विभाग) से जुड़ा मामला सामने आया, जिसमें एक दिव्यांग को बिल जमा करने के लिए राहत नहीं मिल सकी।
दोनों पैरों से 100 प्रतिशत दिव्यांग घनश्याम मेहर फालका बाजार जलाल खान की गोट, डीपीएस स्कूल के सामने के निवासी हैं। वे 4,423 के बिजली बिल का निपटारा कराने बैसाखियों के सहारे लोक अदालत पहुंचे थे। घनश्याम के मुताबिक, अधिकारियों ने पूरी राशि जमा करने की बात कही। सहायता राशि कम पडऩे के कारण उनका बिल जमा नहीं हो सका और उन्हें वापस लौटना पड़ा।
कलेक्टर ने आर्थिक स्थिति देखकर मंजूर की थी 3,500 की सहायता
घनश्याम ने बताया कि वे शारीरिक रूप से पूरी तरह अक्षम हैं और कोई काम-धंधा करने में असमर्थ हैं। परिवार का खर्च उनकी पत्नी दूसरे घरों में झाड़ू-पोछा करके चलाती हैं। कुछ दिन पहले बिजली विभाग ने उन्हें 4,423 का बकाया बिल दिया था। इसके बाद 12 सितंबर की लोक अदालत में समझौते के लिए नोटिस भेजा गया था। बिल की राशि चुकाने में असमर्थ घनश्याम 10 सितंबर को अपनी समस्या लेकर कलेक्टर रुचिका चौहान के पास पहुंचे थे। उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने रेडक्रॉस/स्वेच्छानुदान मद से 3,500 की सहायता राशि मंजूर की थी। यह राशि बिजली बिल जमा करने के लिए दी गई थी।
लोक अदालत में बिजली बिल जमा नहीं हुआ
शनिवार सुबह घनश्याम सहायता राशि लेकर लोक अदालत पहुंचे। उन्हें उम्मीद थी कि छूट के बाद उपलब्ध राशि से बिजली बिल का निपटारा हो जाएगा। बिजली विभाग के काउंटर पर कर्मचारियों ने बताया कि कुल बकाया 4,423 है और उपलब्ध राशि पर्याप्त नहीं है।
घनश्याम ने अपनी शारीरिक और आर्थिक स्थिति बताते हुए कलेक्टर से मिली सहायता राशि की पर्ची भी दिखाई। उनका आरोप है कि कर्मचारियों ने पूरी राशि जमा करने की बात कही। इसके बाद उन्हें बिना बिल जमा किए ही वापस लौटना पड़ा।
दिव्यांग पेंशन बंद होने का दावा, बिजली विभाग पर धमकाने का आरोप
घनश्याम ने बताया कि शासन से मिलने वाली 600 की दिव्यांग पेंशन भी लंबे समय से बंद है। उनका आरोप है कि बिजली बिल का नोटिस मिलने के बाद विभाग के अधिकारियों ने मदद करने के बजाय बिल जमा नहीं करने पर पुलिस केस और जेल भेजने की धमकी दी। घनश्याम ने कहा कि लोक अदालत में भी राहत नहीं मिलने पर वे सोमवार को दोबारा कलेक्टर के पास जाकर अपनी समस्या रखेंगे।