अवैध हथियार तस्करी में गन हाउस संचालक की जमानत खारिज

Sep 11 2026

ग्वालियर। ग्वालियर के चर्चित अवैध हथियार खरीद-फरोख्त मामले में आरोपी शान गन हाउस के संचालक अशोक अग्रवाल को अदालत से झटका लगा है। चौदहवें जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार गुप्ता की अदालत ने शुक्रवार को अशोक अग्रवाल का पहला नियमित जमानत आवेदन खारिज कर दिया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता, कथित अपराध के तरीके और आरोपी के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए जमानत देना उचित नहीं माना।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने मामले में आरोपों की गंभीरता, अवैध हथियारों की कथित सप्लाई के तरीके और आरोपी के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड को जमानत के लिए महत्वपूर्ण माना।
जमानत आवेदन पर सुनवाई के दौरान अशोक अग्रवाल की ओर से अधिवक्ता जितेंद्र दीक्षित ने कहा कि उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि अग्रवाल करीब 40-45 वर्षों से गन हाउस का संचालन कर रहे हैं। बचाव पक्ष ने उनकी 70 वर्ष की उम्र और खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत देने की मांग की।
शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक धर्मेंद्र शर्मा ने जमानत का विरोध किया। उन्होंने आरोपी के खिलाफ दर्ज पूर्व आपराधिक प्रकरणों और बिना लाइसेंस अवैध हथियारों की कथित बिक्री को गंभीर बताते हुए कहा कि इससे समाज की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो सकता है।
बतादें कि मामले का खुलासा 4 सितंबर को इंदरगंज थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान हुआ था। पुलिस ने टाटा हैरियर चला रहे गिर्राज गुर्जर को रोककर तलाशी ली। कार की डिक्की में दूध की टंकी के अंदर बिना लाइसेंस की 32 बोर की देसी पिस्टल, दो मैगजीन और छह कारतूस मिले थे। पूछताछ में गिर्राज के पास हथियार का वैध लाइसेंस नहीं मिला। पुलिस के अनुसार पूछताछ में गिर्राज गुर्जर ने बताया कि उसने पिस्टल गन हाउस संचालक अशोक अग्रवाल से खरीदी थी। केस डायरी के मुताबिक, सह-आरोपी नीरज निखरा से पूछताछ में सामने आया कि उसने कथित तौर पर यह पिस्टल 90 हजार रुपए में अशोक अग्रवाल को बेची थी। पुलिस विवेचना के अनुसार, इसी कड़ी के जरिए पिस्टल गिर्राज गुर्जर तक पहुंची। मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है।