यूजीसी रोलबैक और जातिगत नीतियों की समीक्षा की मांग को लेकर ग्वालियर बंद बेअसर रहा

Sep 10 2026

ग्वालियर। यूजीसी नियमों के रोलबैक, जातिगत नीतियों की समीक्षा और सामाजिक मुद्दों को लेकर सर्व संगठन व परशुराम सेना ने गुरुवार को ग्वालियर बंद का आव्हान किया था, जो बेअसर रहा। हालांकि फूलबाग स्थित रानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के सामने मैदान में अलग-अलग संगठनों के लोग जुट हुए और अपनी मांगें दोहराईं। आंदोलन में भिंड, मुरैना, दतिया समेत आसपास के जिलों से भी लोग पहुंचे हैं। आंदोलन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। कई जगह रोड भी डायवर्ट किए गए थे।
प्रदर्शनकारी संगठनों की प्रमुख मांग यूजीसी के हालिया दिशा-निर्देशों और नीतियों को वापस लेने की है। संगठनों का कहना है कि इन नियमों को लेकर छात्रों और युवाओं में असंतोष है। उनका कहना है कि नियमों को लागू करने से पहले संबंधित पक्षों की चिंताओं पर विचार किया जाना चाहिए।
जातिगत नीतियों की समीक्षा की मांग
सर्व संगठन और परशुराम सेना सरकारी योजनाओं और आरक्षण व्यवस्था से जुड़ी जातिगत नीतियों की समीक्षा की भी मांग कर रहे हैं। संगठनों का कहना है कि सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए मौजूदा नीतियों की समीक्षा जरूरी है। इसके अलावा युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों से जुड़े विभिन्न सामाजिक मुद्दे भी आंदोलन में उठाए जा रहे हैं। आंदोलन में शामिल होने के लिए भिंड, मुरैना, दतिया समेत अन्य जिलों से भी अलग-अलग संगठनों के लोग ग्वालियर पहुंचे हैं। आयोजकों की ओर से प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और अनुशासित रखने की अपील की गई है।
सुरक्षा के बीच रूट डायवर्ट
आंदोलन को देखते हुए फूलबाग और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई रूट डायवर्ट किए गए थे। महाराज बाड़ा, बाड़ा बाजार, मुरार और हजीरा समेत प्रमुख इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। साथ ही पुलिस द्वारा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई।