गोगादेव महाराज की लोकआस्था हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक: आशीष उषा अग्रवाल

Sep 07 2026

ग्वालियर। परमवीर लोकदेवता, वीरता, शौर्य एवं लोकआस्था के प्रतीक श्री गोगादेव के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर अखिल भारतीय गोगा मेड़ी समिति द्वारा बारादरी चौराहा एवं वाल्मीकि समाज विशाल मेला महोत्सव समिति द्वारा अग्रसेन चौराहे पर भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया सह प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल सम्मिलित हुए। उन्होंने विधि-विधानपूर्वक गोगादेव महाराज की पूजा-अर्चना एवं आरती कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। 
आशीष उषा अग्रवाल ने कहा कि गोगादेव महाराज के प्रति मेरी आस्था और जुड़ाव बचपन से रहा है। गोगादेव महाराज का वह पावन डंडा और छड़ी मैं बचपन से देखता आ रहा हूं। यह उत्सव मेरे लिए सदैव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और श्रद्धा का पर्व रहा है। हमारे यहां गोगादेव महाराज की पूजा की जाती है। रक्षाबंधन के अवसर पर राखी गोगादेव महाराज को समर्पित करने की परंपरा है। श्रद्धालु इस विश्वास के साथ राखी अर्पित करते हैं कि ‘हे गोगादेव महाराज, हम सभी की रक्षा करना और अपना आशीर्वाद सदैव बनाए रखना।’ यह परंपरा लोकआस्था की गहराई और पीढिय़ों से चली आ रही हमारी सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है। श्री आशीष उषा अग्रवाल ने कहा कि लोकदेवता गोगादेव जी का जीवन साहस, शौर्य, पराक्रम, त्याग और सेवा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने समाज को सामाजिक समरसता, सद्भाव और मानव सेवा का संदेश दिया। यही कारण है कि गोगादेव जी आज भी जन-जन की आस्था के केंद्र हैं और उनका जीवन समाज को निरंतर प्रेरणा देता है।
ऐसे आयोजन एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण
भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल ने कहा कि गोगादेव महाराज जैसे लोकदेवताओं से जुड़े आयोजन हमारी समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजन समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में जोड़ते हुए एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता की भावना को और मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर पार्षद एडवोकेट दिलीप वाल्मीकि, राज कुमार चौहान, चुन्नी लाल चंदेल, अमर सिंह उस्ताद, मलखान सिंह, सतपाल सिंदुरिया, सोनू लौहट, विकास उपाध्याय, सुरेश चंद्र लोधे, दिनेश चंद्र लोधे, संतोष गोडय़ाले, हरिओम झा, अजय गुप्ता, संजय नारायण भगत, अरुण चौधरी, रमेश चौधरी, संजय, महेंद्र सिंह, वीर भगत, नारायण भगत, अशोक भगत, सुरेश भगत, बबलू गायक भगत, राजू खरे भगत, आयुष भगत, आर्यन भगत, विनोद छात्रें, दर्शन करोसिया, ओमकार उस्ताद, जगदीश खलीका, रमन लोधे, अमन लोधे, गगन लोधी, महेंद्र गुप्ता, चंद्र प्रकाश तोमर सहित अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।