‘छठवीं पैदल निशान यात्रा’ का महाकारवां 6 सितम्बर को
Sep 05 2026
भितरवार।‘हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा’ यह केवल एक जयकारा नहीं, बल्कि दुनिया से निराश हो चुके लाखों-करोड़ों भक्तों का वो अटूट विश्वास है। जो उन्हें कभी टूटने नहीं देता। कलयुग के अवतारी और शीश के दानी भगवान श्री खाटू श्याम के प्रति भक्तों की आस्था ऐसी है। कि जब संसार के सारे रास्ते बंद हो जाते हैं, तब बाबा श्याम की चौखट से ही चमत्कार की शुरुआत होती है। इसी अगाध श्रद्धा और विश्वास को समेटे ‘श्याम के लाडले परिवार भितरवार’ के तत्वावधान में आज 6 सितम्बर से भव्य ‘छठवीं पैदल निशान यात्रा’ का शंखनाद होने जा रहा है। 22 सितम्बर तक चलने वाली इस 16 दिवसीय पावन आध्यात्मिक यात्रा को लेकर श्याम प्रेमियों में अभूतपूर्व उत्साह है।
इस वर्ष की यात्रा भक्तों के लिए और भी ज्यादा आनंदमयी होने वाली है। दिनभर की पैदल यात्रा के बाद, प्रतिदिन रात्रि विश्राम के समय बाबा श्याम के भजनों की अमृत वर्षा होगी, जिसमें भव्य ‘ताली संकीर्तन’ का आयोजन किया जाएगा। ढोलक-मंजीरों की थाप और तालियों की गूंज के बीच भक्तजन रात में बाबा को रिझाएंगे, जिससे पूरा माहौल अलौकिक और भक्तिमय हो उठेगा।
हाथों में बाबा श्याम का पवित्र निशान (ध्वज) थामे श्याम दीवानों का यह कारवां भितरवार से प्रस्थान कर चीमक, जौरासी, ग्वालियर और मुरैना होते हुए धौलपुर (पचगांव) के रास्ते राजस्थान में प्रवेश करेगा। इसके बाद यात्रा रूपवास, भरतपुर हाईवे, हलैना, महुवा (मीन मंदिर), मेंहदीपुर बालाजी, मानपुर, सिकन्दरा, कालाखो, दौसा, आँधी, मनोहरपुर, राड़ावास और धानौता के मार्ग से होकर रींगस पहुंचेगी। जहां से भक्तों के आराध्य ‘श्री खाटूधाम’ पहुंचकर इस महायात्रा का समापन होगा।
इस वर्ष की पैदल निशान यात्रा सिर्फ धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को एक नई दिशा देने का जरिया भी बनेगी। आयोजकों ने एक बेहद जरूरी सामाजिक संदेश जारी करते हुए अपील की है कि— ‘निशान यात्रा बनी रहे, नशा यात्रा न बनाएं।’ समिति का उद्देश्य यात्रा के दौरान पूर्ण अनुशासन, पवित्रता और व्यसनमुक्ति का संदेश देकर सनातन संस्कृति की मर्यादा को सहेजना है।
संपादक
Rajesh Jaiswal
9425401405
rajeshgwl9@gmail.com
MP Info News
Invalid RSS feed URL.
ब्रेकिंग न्यूज़
विज़िटर संख्या
अन्य ख़बरें
-
-
-
*हेमू कालानी जन्मोत्सव मिष्ठान वितरण कर बनाया* *
—03/23/2019 -









