विकसित भारत के लिये युवाओं को नशे से दूर रहना होगा: डॉ. सुनीता

Sep 03 2026

ग्वालियर। नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों से दूर रहकर स्वस्थ जीवन शैली अपनाना चाहियें। मादक पदार्थों का सेवन विश्व के सबसे बड़े युवा संगठन को प्रभावित कर रहा है जो कि चिंता जनक हैं। यह बात मुख्य वक्ता डॉ सुनिता राजपूत ने कही।
माधव महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा ड्रग्स उन्मूलन कार्यक्रम के तहत एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय नई दिल्ली की संगठन व्यवस्था में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन माधव महाविद्यालय में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. सुनीता राजपूत सहायक प्राध्यापक शा नर्सिंग महाविद्यालय, अध्यक्षीयता डॉ. शिवकुमार शर्मा प्राचार्य माधव महाविद्यालय, विशिष्ठ अतिथि श्रीमती आरती बाथम नर्सिंग कॉलेज, डॉ संजय कुमार पाण्डेय, डॉ सरिता दीक्षित एवं मुलायम सिंह जादौन उपस्थित थे।
डॉ. सुनीता राजपूत ने बताया कि हम युवा यदि एक जुट हो जाये तो इस नशे की जंग को जीत सकते है क्योंकि नशा धीरे धीरे हमें खोखला करता जा रहा है। ड्रग्स का नशा युवा पीढ़ी को तो बरबाद कर ही रही है साथ ही साथ भारत के भविष्य के लिए भी खतरा बन गई है। ड्रग्स करने वाला व्यक्ति ड्रग्स के नशे के साथ अपने शरीर में एड्स जैसी महामारक बीमारियों को भी अपने शरीर में आने के लिए रास्ता साफ कर रहा है। जिसके कारण स्वस्थ युवा भारत की सकल्पना करना भी कठिन हो रहा है।
डॉ. शिवकुमार शर्मा ने बताया कि नशा हमारी प्रतिष्ठा को धूमिल कर रहा है क्योंकि हमारी पहचान नशे के कारण नष्ट होती जा रही है। युवाओ को सशक्त व मजबूत करने के लिये साथ ही साथ परिवार को बचाने के लिये ड्रग्स सेवन के मकडजाल से बाहर आना पड़ेगा। कार्यक्रम में डॉ. विजय पाण्डेय, डॉ. दीपक शिन्दें एन.सी.सी. एवं एनएसएस के छात्र-छात्राये उपस्थित थे।