एसी नहीं लगाने पर पूर्व मंत्री डॉ. सिंह के भतीजे ने ऑफिस में घुसकर पीटा, एफआईआर दर्ज

Sep 02 2026

ग्वालियर। यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में एसी लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता डॉ. गोविंद सिंह के भतीजे अक्षय प्रताप पर ऑफिस में घुसकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। वहीं अक्षय ने भी दूसरे पक्ष पर मारपीट का आरोप लगाया है। पुलिस ने अक्षय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इसके बाद देर शाम को गोविंद सिंह के समर्थकों और परिचितों ने यूनिवर्सिटी थाना का घेराव कर दिया। उनकी मांग की थी दूसरे पक्ष पर एफआईआर की जाए।
पीडि़त प्रदीप नरवरिया ने बताया कि दतिया में एसी लगाने को लेकर अक्षय प्रताप से बातचीत हुई थी। उनकी टीम को दतिया भेजा गया, लेकिन भुगतान को लेकर सहमति नहीं बनी तो टीम वापस बुला ली गई। प्रदीप का आरोप है कि इसके बाद अक्षय अपने साथी अभिमन्यु और अन्य लोगों के साथ उनके ऑफिस पहुंचे और विवाद करने लगे।
प्रदीप के मुताबिक अक्षय ने खुद को गोविंद सिंह का भतीजा बताते हुए धमकी दी कि उन्हें उठाकर ऐसी जगह ले जाकर फेंक देगा, जहां किसी को पता नहीं चलेगा। विरोध करने पर सरिए और अन्य हथियारों से हमला किया गया। हमले में उनके घुटने में तीन फ्रैक्चर हुए हैं। डॉक्टरों ने ऑपरेशन की बात कही है। प्रदीप ने घटना का सीसीटीवी फुटेज होने का दावा किया है।
वहीं अक्षय प्रताप ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि एसी लगाने के लिए उन्होंने प्रदीप को 2 हजार रुपए एडवांस दिए थे। काम 3 हजार रुपए में तय हुआ था, लेकिन दतिया में टीम पहुंचने के बाद 4 हजार रुपए की मांग की गई। इसके बाद उन्होंने काम रुकवा दिया और एडवांस वापस लेने के लिए ऑफिस पहुंचे थे। अक्षय का आरोप है कि प्रदीप ने रुपए लौटाने से इनकार करते हुए गाली-गलौज की और मारपीट की। लोहे की रॉड और धारदार हथियार से हमला करने से उनका दांत टूट गया और होंठ फट गया। उन्होंने कहा कि वायरल सीसीटीवी फुटेज अधूरा है और काट-छांटकर जारी किया गया है। उनके मुताबिक फुटेज में वे केवल अपना बचाव करते नजर आ रहे हैं। अक्षय ने पुलिस पर उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं करने का भी आरोप लगाया। यूनिवर्सिटी थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 
सीएसपी रॉबिन जैन ने बताया कि मामले में प्रकरण दर्ज किया गया है। दोनों पक्षों के आरोप, मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।