जन्माष्टमी पर सजेगा चक्रधर मंदिर, मनमोहिनी श्रृंगार, फूल बंगला, छप्पन भोग और बीएसएफ बैंड रहेगा मुख्य आकर्षण

Aug 31 2026

ग्वालियर। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर सनातन धर्म मंदिर में उत्साह चरम पर है। सनातन धर्म मंडल की कार्यकारिणी बैठक में जन्माष्टमी महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा कर उन्हें अंतिम रूप दिया गया। इस वर्ष जन्माष्टमी महोत्सव को और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
मंडल अध्यक्ष विजय गोयल, प्रधानमंत्री रमेशचंद्र गोयल लल्ला, कोषाध्यक्ष राकेश बंसल एवं जन्माष्टमी आयोजन समिति के संयोजक ओमप्रकाश अग्रवाल लल्ला ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी जन्माष्टमी महोत्सव दो दिवसीय होगा। 4 सितंबर शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव तथा 5 सितंबर शनिवार को नंदोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा।
शहनाई वादन से होगा शुभारंभ
4 सितंबर को प्रात: 9 बजे शहनाई वादन के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ होगा। भगवान चक्रधर एवं गिरिराजधरण का अभिषेक किया जाएगा। अभिषेक के पश्चात दोनों विग्रहों का भव्य एवं मनमोहक श्रृंगार किया जाएगा। दोपहर 12 बजे राजभोग आरती होगी तथा इसके पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। सायंकाल 5 बजे से दर्शनार्थियों के लिए मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म महोत्सव तक रात्रि 12 बजे तक श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।
नंदोत्सव में गूंजेंगे बधाई गीत
5 सितंबर को नंदोत्सव के अवसर पर मध्यान्ह काल में महिला भक्त मंडल द्वारा बधाई गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी तथा भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में बधाइयां लुटाई जाएंगी। सायंकाल 6 बजे भगवान चक्रधर एवं गिरिराजधरण के समक्ष विशाल छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा।
जन्माष्टमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं विशेष अतिथियों के आगमन को देखते हुए मंदिर में प्रवेश एवं निकास की अलग-अलग एवं व्यवस्थित व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन के सहयोग से यातायात पुलिस एवं स्थानीय पुलिस द्वारा भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। आयोजन समिति द्वारा मंदिर भवन एवं चक्रधर सभागार के रंग-रोगन सहित अन्य तैयारियां तेजी से की जा रही हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत साज-सज्जा एवं पुष्प सज्जा से सजाया जाएगा।
इस वर्ष जन्माष्टमी महोत्सव में भगवान चक्रधर एवं गिरिराजधरण का मनमोहिनी श्रृंगार, भव्य विद्युत साज-सज्जा, मनमोहक फूल बंगला, विशाल छप्पन भोग, आकर्षक आतिशबाजी, बीएसएफ बैंड का बैंड वादन तथा दर्शनार्थी भक्तों के लिए प्रसाद वितरण प्रमुख आकर्षण रहेंगे।