रावतपुरा सरकार से सोनू गतवार ने लिया आशीर्वाद, प्रकृति और जीवों के प्रति संवेदना जरूरी

Aug 30 2026

ग्वालियर। सागर में चल रहे चातुर्मास कार्यक्रम में श्रीश्री 1008 रावतपुरा सरकार से भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी सोनू गतवार ने मुलाकात की। उन्होंने महाराज का आशीर्वाद लेकर स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर सनातन संस्कृति के साथ पर्यावरण संरक्षण, गौसेवा और जीवदया जैसे विषयों पर चर्चा हुई। 
सोनू गतवार ने कहा कि सनातन संस्कृति का संदेश मानव जीवन को प्रकृति और समाज से जोड़ता है। सेवा, करुणा और प्राणीमात्र के प्रति संवेदना इसके प्रमुख आधार हैं। रावतपुरा सरकार आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से इन मूल्यों को समाज तक पहुंचाने के साथ पर्यावरण संरक्षण और गौसेवा के लिए भी लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। जल संकट और प्रदूषण के बीच प्रकृति के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल, जल बचाना और आसपास स्वच्छता बनाए रखना भी प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
गौसेवा को बताया करुणा और जीवदया का माध्यम
कथा वाचक हरिहर मुदगल ने कहा कि सनातन परंपरा में गौसेवा को करुणा और जीवदया से जोड़ा गया है। गौसेवा के माध्यम से समाज में कमजोर और जरूरतमंद प्राणियों के प्रति संवेदना का भाव विकसित होता है। उन्होंने कहा कि संतों के मार्गदर्शन से समाज में सेवा और लोककल्याण की भावना को मजबूत किया जा सकता है। मुदगल ने पर्यावरण संरक्षण को भी सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि प्रकृति के संसाधनों का संरक्षण किए बिना आने वाली पीढिय़ों का भविष्य सुरक्षित नहीं किया जा सकता।
सनातन संस्कृति का संदेश मानव कल्याण से जुड़ा
कथा व्यास अंकित पचौरी ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् और सर्वे भवन्तु सुखिन: सनातन संस्कृति की व्यापक सोच को दर्शाते हैं। इसका उद्देश्य केवल व्यक्तिगत कल्याण नहीं, बल्कि समूचे समाज और मानवता के सुख की कामना करना है। उन्होंने युवाओं से सेवा, संस्कार, प्रकृति प्रेम और सामाजिक सरोकारों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं ने रावतपुरा सरकार के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।